कजिन की चुत (Cousin Ki Choot) – Hindi Font Story

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कज़िन की चुत (Cousin Ki Choot) – Hindi Font Story

ही,दोस्तों मेरा नाम श्याम साहनी है,उमर 20 साल का एक मध्यवर्गीय परिवार का हूँ, मैं गोरखपुर सिटी के पास रहता हूँ,यह मेरी और मेरी कज़िन अनुराधा साहनी की चुदाई की कहानी है.

अनुराधा मेरे बारे अंकल की लड़के की लड़की यानि मेरी कज़िन है, उमर 18 साल की हो गई है. कज़िन का घर बिलकुल मेरे घर के बगल में है,उसके दो भाई है, एक छोटा और एक बड़ा.वह बहुत ही सुन्दर है.आज से २ साल पहले की बात है.जब वह 1७ साल और मैं 1८ साल का था. मेरे घर टीवी ना होने के कारण कज़िन के घर टीवी देखने जाता था, कभी कभी देर रात तक देखता रहता और वही पर सो भी जा करता था.मुझे सेक्स का मजा जब से आया तब से मेरे एक दोस्त ने मुझे बाय्फ्रेंड देखना सीखा दिया,मैं मोबाइल पर बाय्फ्रेंड देखकर मूठ मर लिया करता था लंड को सेट कर लेता.कज़िन की चुत (Cousin Ki Choot) – Hindi Font Story

मैं कज़िन के घर रोज टीवी देखने जा करता,एक दिन मुझे टीवी देखते-2 12 बज गये.भैया भाभी चाट पर सोने चले गये, मैं बाद पर बैठा था.कज़िन,उसके दोनों भाई उसी बाद पर सो रहे थे कज़िन मेरे पास सोई थी,मैंने देखा की सभी सो रहे है मैं मोबाइल निकल कर बाय्फ्रेंड देखने लगा,बाय्फ्रेंड देखते देखते मेरा लंड टंकार खड़ा हो गया. मूठ मरने के लिया पेंट से लंड को बाहर निकाला और सहलाने लगा तभी मेरी नज़र कज़िन की और पड़ी जो सो रही थी,मेरे मान में आया की कज़िन को चोद दो पर मैं डर रहा था की कही अपनी आंटी से कह ना दे,इसके बाद मैंने अपने हाथों को उसके हाथ पर रखा और सहलाने लगा वह नहीं उठी फिर मैंने उसके हाथ को लंड पर रख कर उसके हाथों से सहलाने लगा और ऊपर नीचे करता रहा इसी तरह 10 मिनट के बाद मेरे लंड ज्वाला मुखी फुट पड़ी और लंड पानी उसके हाथों में ही निकल गया.

उसके बाद रूमाल से उसके हाथ और अपने हाथ को साफ करके वही पर सो गया.सुबह मैं सवेरे उठ कर पड़ने चला गया.स्कूल में मेरा मान नहीं लग रहा बार बार कज़िन की याद आ रही और मान कर रहा था की अभी जाओ और उसे चोद दो. कॉलेज की छुट्टी होने के बाद.मैं कॉलेज से 4 बजे वापस आया खाना खाने के बाद उसके घर गया ,कज़िन को निहारता रहा, मैंने सोच लिया की आज कुच्छ भी हो जाए मैं उसे चोद कर ही दम लूँगा. कज़िन स्कर्ट और टी-शर्ट पहनी थी.टी-शर्ट में से उसके छोटे छोटे चूची (बूब्स) साफ नज़र आ रहे थे जिसको निहारा रहा, इसी दौरान मेरा लंड खड़ा हो गया जो मेरे पैंट में फड़फड़ा रहा था कज़िन ने मेरे पैंट की तरफ देखा पर मैं दूसरी ओर घूम गया, रात के 11 बजे सभी पिछले दिन की तरह सो गये मैं बाय्फ्रेंड देखने लाया और सोच रहा थी की कज़िन जब गहरी नींद मो होगी तो मैं उसे चोदूंगा.

अब रात के 12 बज गये,कज़िन टी-शर्ट और स्कर्ट पहनी थी मैंने हिम्मत कर के उसके उसके टी-शर्ट के ऊपर से उसके छोटे-छोटे चूची (बूब्स) को सहलाने लगा मेरे शरीर में करेंट सी दूर गई मेरा लंड खड़ा होने लगा, कज़िन गहरी नींद में सो रही थी.इस लिए उसे पता नहीं चल रहा था मैंने उसके गुलाबी होठों को अपने होठों से चूसने लगा वह क्या मजा मिल रहा था मैंने ऐसा पहले कभी भी नहीं किया था.मानो अब स्वर्ग में जा रही हूँ अपने जीभ को उसके मुंह में डाल कर उसके जीभ को चाट रहा था,और होठों को चूस रहा, 5 मिनट तक होठों को चूसने के बाद उसके टी-शर्ट को ऊपर किया क्या दूध की तरह सफेद छोटे चूची(बूब्स) थे उनको मैंने पूरा का पूरा बस मुंह में लेकर चूसने लगा बड़ा मजा आ रहा था मान तो कर रहा था काट कर कहा जाओ थोड़ी देर दोनों बस को चूसता रहा इसी बीच कज़िन का शरीर टाइट होने लगा कज़िन के आंख अब भी बंद ही थे कज़िन पूरे शरीर को टाइट कर रही थी मैं जान गया कज़िन जगह गई है.

कुच्छ बोली नहीं मैं चूची(बूब्स) को चूसता रहा होंठ को उसके चुत पर रख कर स्कुलट के ऊपर से ही दबाने लगा और चूची (बूब्स) को चूस रहा था,करीब 15 मिनट के बाद मैंने उसके स्कुलट को ऊपर किया, वह ब्लैक कलर की चड्डी(पेंटी) पहनी थी चड्डी के ऊपर से उसके चुत को सहलाने लगा वह मस्ती में धीरे धीरे आआआअहह आअहह आआआहााहह हहााआअ अहहाआआआआआ आआआआआआआहह कर रही थी, और कुच्छ नहीं बोला,कुच्छ देरी के बाद कज़िन ने खुद चड्डी (पेंटी) को थोड़ा नीचे कर दिया, मैंने चुत को देखते ही मेरी आंख फटी की फटी रही गयी देखा की छोटी चुत जो गुलाब की फूल की तरह गुलाबी थी, चुत को सहलाने लगा, जो बिलकुल गुलाबी छोटी सी बिना बालों वाली चुत थी. मैंने मान में क्या वह क्या चुत है उसकी चुत एक दम गीली हो चुकी थी , कज़िन की चुत (Cousin Ki Choot) – Hindi Font Story

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मैं मशाल रहा था अब कज़िन सिसकियां बड़ाती जा रही थी आआआआआआआअहह आअहहाआहह आहाहहाआआआआआआआअ आआआआआअहह ईईईईईईईईईईईईहह आआआआआआहहााअ आआहह मैंने पैन्ट से लंड को बाहर निकल कर जो 5 इंच लंबा 2 इंच मोटा था ,कज़िन के हाथों को अपने लंड पर रख कर एक दो बार ऊपर नीचे किया फिर छोड दिया कज़िन लंड खुद ऊपर नीचे करने लगी, उसके चुत में आग लग गई, मैंने अपने एक उंगली को उसकी चुत में 1 इंच डाल वह तिलमिला उठी मेरे लंड को ज़ोर से दब दिया मैंने सोचा छोटी सी चुत दर्द हो रहो होगा उसने एक हाथ से मारे उंगली को पकड़ कर अंदर डालने लगी अंदर बाहर करने लगी मैंने हाथ को छुड़ा लिया, अभी भी कज़िन आंख बंद ही किए थी. मैंने उसके चुत में मुंह लगा कर चाटने लग जैसे बाय्फ्रेंड में करते है मेरे लंड को चोद कर मेरे सर को पकड़ कर चुत में दबाए जा रही थी मैं जीभ को चुत के अंदर डाल के खूब चाट रहा त और उसके मुंह स्सी आहह आआअहह आआअहह आआआआआआआअहहााआअ अहह आआहह आआआअहह आआआआआआआअहह चााआआआचााहह और अंदर मैं 15 मिनट तक चुत को चाटने के बाद. बाद पर चढ़ कर कज़िन के ऊपर चढ़ के लंड को चुत पे रख दिया उसने लंड को चुत में डालना चाहा लेकिन चुत छोटी थी नहीं छा रही थी हंस रहा था की मेरा ही मान था चोदने की लिए लेकिन वह भी करवाना चाहती थी मैंने होंठ को छॉमा लंड को चुत की मुंह पर रख कर धक्का दिया.

लंड अंदर नहीं गया उसने अपने दोनों हाथों से चुत को फैलाया मैंने ज़ोर का धक्का मारा 2 इंच लंड अंदर गया कज़िन चिल्ला उठी आआआआआआआहह
आआआआहह नाहह्ी नाआहियीईई आहह मैंने उसके मुंह को मुंह लिया फिर ज़ोर का धक्का मारा मेरा पूरा का पूरा लंड अंदर चला गया उसकी छोटी चुत फॅट गयी वह रोने लगी मैंने मुंह को मुझे रखा देखा की चुत से खून निकल रहा है मैंने सोचा कही कुच्छ हो ना जाए, पहली बार चुत पाई है कुच्छ होगा तो देख लिया जाएगा, कज़िन बोली आअहह छ्चाआआआआचाअ लंड को बाअहहार निकााअल दो मैंने लंड को चुत में रहने दिया और रुक गया कज़िन के चूची (बूब्स) चाटने लगा, थोड़ी देर बाद उसका दर्द कम हुआ वह कमर को हिलने लगी बोली चााचाआआआआ मैं समझ गया की दर्द कम हो गया है.

अब लंड को चुत में अंदर बाहर करने लगा अब उसे भी मजा आने लगा मैंने धीरे से पूछा अनुराधा दर्द तो नहीं हो रहा है उसने सर को हां में हिलाया मैं चुत का मजा ले रहा था मेरा लंड अमृत में डूबा था कज़िन धीरे धीरे आआआहह अहह आआहह आआआआआआआआआआहह अहहुहहााअ अहह उूुुुुुुुुुुुउऊहहााअहह आआआआआआअहह आआआअहह आआआअहहहह आआहह्ा आआहहा आहहा चाआचा करने लगी मानो अब स्वर्ग में हूँ मजा आ रहा था चोदते जा रहा था की मेरा लंड सेट होने का नाम ही नहीं ले रहा था कज़िन कहने लगी और तेज चाचा और तेज मैंने चोदना तेज कर दिया, कज़िन भी गड़ को उठा उठा कर सटा दे रही थी 25 मिनट की चुदाई के चुत की आग बुझ गयी और पानी निकालने वाली थी वह ज़ोर से दोनों पैरों से चुत को छापने लगी मेरा लंड उसकी चुत में दब रहा त अचानक चुत से पानी की डर निक्कर कर बाद पर गिरने लगा मैंने अपनी रफ्तार तेज की और कज़िन की चुत में ही अपनी पानी छोड दिया.

मैंने कज़िन की चुत को रूमाल सा साफ किया और लंड को भी मैंने साफ किया कज़िन को चड्डी (पेंटी) और स्कुलट पहनाई और अपने लंड को पेंट के अंदर किया मेरे पेंट में भी चुत का पानी लगा था.कज़िन बाद पे से उठी और बोली चाचा बाथरूम जाना है मैं उसे बाथरूम ले गया पेशाब कर रही थी मैं चुत से निकालने वाले पेशाब को देख रहा था. कज़िन बोली च्चा दर्द हो रहा,मैं बोला मजा की नहीं वो थोड़ा सा मैं बोला इसके मजा ही मजा रास्ता साफ हो गया है, उसके बाद मैंने भी उसके सामने पेशाब किया कज़िन लंड को ध्यान से देख रही थी. हम दोनों बाद पर आ गये मैंने उसे उसी समय बाय्फ्रेंड दिखाया 15 मिनट के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया मैंने कज़िन को फिर से चोदा और लंड को चुत में रहने दिया,हम दोनों सो गई सुबह उठा तो 5:00 बज रहा था अपने लंड को अंदर किया कज़िन की चड्डी को ऊपर किया चला गया …………..

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