मेरा बाय्फ्रेंड- My boyfriend – 2

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मेरा बाय्फ्रेंड- My boyfriend – 2

फिर सब कुछ नॉर्मल चलता रहा हम दोनों एक दूसरे को प्यार तो करते थे लेकिन उसने कभी मुझसे कहा नहीं था..फिर एक दिन वो दिन भी आया और उसने मुझे प्रपोसे किया और मैंने उसे कुछ दीनों बाद हां भी बोल दिया था बस तब से हम एक दूसरे से बहुत प्यार करते है..उसके बाद उसे कोई रोक टोक नहीं थी..वो कभी भी मुझे किस कर लेता था या कभी मेरे ब्रेस्ट दबा देता था पर फिर भी मुझे ये सब करने में बहुत शर्म आती थी..एक दिन में कॉलेज से आकर ड्रेस चेंज कर रही थी तब वो किसी काम से मेरे घर आया था तो उसने अचानक मुझे समीज में देखा तो देखता ही रही गया..मेरे ब्रेस्ट बारे और बहुत अच्छे थे उस समय..और वो वही खड़ा रही के घूरने लगा..मेरे निप्पल साफ दिख रहे थे उस समय..और मैंने झट से उसे देख कर अपनी ड्रेस से अपने ब्रेस्ट छुपा लिए..फिर वो मुझे देख कर हँसने लगा..

राहुल- हटा ना यार एक बार और दिखा दे प्ल्स..
में-राहुल जाओ यहां से जल्दी..मम्मी देख लेगी..जाओ प्लीज़..(में सच में डरी हुई थी..
राहुल-अच्छा थोड़ा सा तो नीचे कर दे एक बार बस चला जाऊंगा फिर..

मैंने जल्दी से अपने कपड़े नीचे किए और वो मेरे ब्रेस्ट देखता रहा उस समीज में मेरे निप्पल साफ दिख रहे थे शायद वो उन्हें ही घूर रहा था और फिर वो चला गया…ऐसे ही कुछ ना कुछ होता रहता था..कभी वो पीछे से मुझे किस कर देता था या कभी ब्रेस्ट दबा देता था..मेरा भी अब मान करने लगा था थोड़ा थोड़ा क्योंकि मुझे भी मजा आता था इन सब में पर में उसके सामने शो नहीं करती थी..

एक दिन में अपने चाट पर टहल रही थी तब मैंने सलवार चुत पहना हुआ था..में घर पर वही पहनती थी..और तभी राहुल अपनी चाट पर आया और मुझे देखा तो में जाने लगी..फिर उसने अपने कान पकड़े और सॉरी कहा..हम ये सब इशारे में कर रहे थे क्योंकि हम दूर दूर खड़े थे..फिर उसने अपने हाथ जोड़े तो मुझे हंसी आ गई..मैंने हां में गर्दन हिलाई तो वो फ्लाइयिंग किस करने लगा..में मुस्कुराईं और जाने लगी तो उसने रुकने का इशारा किया..मैंने सोचा अभी आंटी वैसे भी ऊपर नहीं आने वाली और आस पास भी कोई नहीं है तो रुक गई..फिर उसने मुझे अपने ब्रेस्ट की तरफ देखने को कहा तो मैंने छाँटा मरने का इशारा किया तो वो जाने लगा..मैंने रुकने का कहा और पूछा की क्या हुआ तो उसने कहा इशारे में की प्लीज़ एक बार दिखा दे..मैंने कहा पागल हो क्या..उसने बार बार जिद की पर मैंने ऐसा कुछ नहीं किया..फिर वो मेरी चाट पर आने लगा तो में डर गई फिर मैंने जल्दी से इधर उधर देखा और अपना ऊपर का हिस्सा उठा दिया..पर गलती से समीज भी उठ गया था मेरा..राहुल ने देखा और पागल होने जैसा किया और मुझसे कहा प्लीज़ बेटा मेरे घर आना कल..में गुस्से में वहां से चली गई..बस ऐसे ही हमारा चलता रहा..

फिर ऐसे ही 2 साल भी निकल गये और एक दिन किसी बात पर हमारी बहुत बड़ी लड़ाई हो गई..बात तो याद नहीं पर हमने साल भर बात नहीं की थी एक दूसरे से..वो समय बहुत बुरा था..में अकेली हो गई थी और 18 की..मुझे अच्छा नहीं लगता था..फिर ऐसे ही दिन निकलते गये…पर मैंने कभी सेक्स के बारे में सोचा भी नहीं क्योंकि में सच में राहुल से बहुत प्यार करती हूँ और ना ही कभी मेरे साथ ऐसा कुछ हुआ की में ऐसा सोचु..हां पर एक बार में अपनी फॅमिली के साथ शादी में गई थी..वो हमारे रेलेटिवेस की ही शादी थी..बहुत बड़ा प्रोग्राम था तब मैंने ब्लू टॉप जो बहुत टाइट था और जींस पहनी थी..जिसमें मेरे हिप्स बहुत बारे दिख रहे थे और मुझे इस बात से बहुत शर्म आ रही थी क्योंकि वहां खड़े और आए हुए ऑलमोस्ट सभी लड़के मुझे घूर रहे थे..में और आंटी हम दोनों वही खड़े थे..मम्मी किसी से बात करने में लगी हुई थी और में बोर हो रही थी..तभी मैंने देखा की एक लड़का मुझे घूर रहा है बहुत देर से…वो लगातार मेरी गांड देखे जा रहा था..मुझे ये सब अच्छा नहीं लगता था क्योंकि मुझे नहीं पसंद की कोई मुझे गंदी नज़रो से देखे..पर शायद मेरे कपड़े ही इतने सेक्सी थे की वो बेचारा क्या करता फिर वो थोड़े समय बाद हमारे पास आ गया और मेरी आंटी से बात करने लगा अकटुली में वो हमारे रीलेशन में ही था इसलिए आंटी भी बात करने लगी पर आंटी को क्या पता था की वो कमीना उनकी ही लड़की को अपनी आंखों से निपटा रहा है..में भी वही खड़ी थी मुझे ज़रा भी अच्छा नहीं लग रहा था…फिर उसने मेरी आंटी से बात की और वहां से चला गया..

हमें नाइट वही रुकना था वहां रूम अलग अलग बुक्ड थे..रात में हमारे एक दो रीलेशन वाले और में और आंटी वहां रूम में आए तो सब तो सो गये पर मुझे बिना नाइटी पहने नींद नहीं आती सो मैंने सब के सोने के बाद अपना टॉप उतरा और अपनी जींस उतरी..और काँच के सामने खड़ी होकर देखने लगी की आख़िर क्या देखते रहते हे सब..और में ब्रा पेंटी में आने के सामने गई आओ देखा सच में मेरे ब्रेस्ट अके दम ताने हुए थे और मेरे निप्पल भी हल्के हल्के टॉप से दिखते होंगे और फिर मैंने पलट के अपनी गांड देखी वो सच में बढ़ती ही जा रही थी..आस मुझे राहुल की इतनी याद क्यों आने लगी एक दम से..फिर मैंने बैग में से अपनी नाइटी निकली और पहनने लगी तभी पहनते समय नाइटी के ऊपर के दो स्तनों टूट गये..मैंने जल्दी से पहनी और देखा तो मेरे ब्रेस्ट आधे से ज्यादा दिख रहे थे पर मैंने सोचा सोना ही तो है और फिर सुबह तो जाना ही है और में अपनी आंटी के साइड में सोई गई पर मुझे नींद ही नहीं आ रही थी में राहुल के बारे में सोच रही थी बार बार..आज मुझे उसकी वो बात याद आ रही थी कैसे वो मेरे ब्रेस्ट दबा देता था और किस करता था मुझे और मेरी चुत गीली होने लगी थी…फिर 3 बजे अचानक मुझे लगा दरवाजे पर कोई हे..मैंने ध्यान नहीं दिया..थोड़े समय बाद मुझे बाथरूम लगी तो में बाहर गई तो मैंने देखा वो लड़का वही खड़ा था..रात के 3 बज रहे थे तो मैंने अपने काम से काम रखना सही समझा..और में जैसे ही बाथरूम जा रही थी उसने मुझे आवाज़ दी..

मज़ेदार सेक्स कहानियाँ

लड़का-हेलो आप शिखा ही है ना..
पर मैंने अनसुना कर दिया और बाथरूम चली गई..थोड़ी देर बाद वापस आई तब भी वो वही खड़ा हुआ था..

लड़का-देखिए में बस थोड़ी बात करना चाहता हूँ..
में-पर मुझे कोई बात नहीं करनी तुमसे ओके..

वो अचानक मेरे सामने आ गया..और में डर गई..

लड़का-पर क्या हुआ ऐसा क्यों कर रही हो मैंने ऐसा क्या कर दिया..2मीं की तो बात है..

मैंने सोचा सुन लेती हूँ वरना हटेगा नहीं ये तो मैंने कहा-हां तो कहो जल्दी..

लड़का-तुम मुझसे इतना गुस्सा क्यों हो..क्या किया मैंने बता दो बस..

में-कुछ नहीं..में तुम्हें नहीं जानती..जाने दो मुझे..

लड़का-में रोहित हूँ..फ्रम पुणे में भी ए कर रहा हूँ और तुम्हारे दूर के रीलेशन में हूँ…लो जान गई अब तुम सब..

में-हां ओके पर मुझे बात नहीं करनी तुमसे..अब जाने दो वरना आंटी को आवाज़ लगा दूँगी..

लड़का-अच्छा ओके बस मुझे ये बता दो की क्या किया हे मैंने तो जाने दूँगा..

में-तुम मुझे घूर क्यों रहे थे वहां..

लड़का (हड़बड़ा कर)-आरीईए वो म्मीयईन्न आईसस्सीए हीईिइ..

में-क्या ऐसे ही..मुझे नहीं पसंद ये सब ओके..

लड़का-क्या नहीं पसंद

में-की कोई मुझे घूरे..

लड़का-पर क्या नहीं पसंद..क्या घूरे तो तुम्हें नहीं पसंद..

में-मेरा मतलब कोई मुझे ऐसे देखे वो मुझे नहीं पसंद..

लड़का-अच्छा मतलब तुम इतने सेक्सी कपड़े पहनो और कोई तुम्हारे कपड़ों को ना देखे..वाह

में-हां मुझे नहीं पसंद अब जा रही हूँ में..

लड़का-अरे सोरररययी सॉरी..अच्छा अब नहीं होगा..

में-हां ओके

लड़का-पर तुम इतनी सुंदर हो और इतनी सेक्सी हो की ना चाह कर भी तुम्हें देखने का मान करता है बार बार..

ऐसा कह के वो मेरे ब्रेस्ट फिर से घूरने लगा..और मुझे अचानक याद आया की नाइटी पहनते समय ऊपर के दो स्तनों टूट गये थे..मैंने जल्दी से उन्हें संभाला और कहा

में-प्ल्स दूर रहो ओके और अब तुम घूर्ना बंद करो और हटो वरना में सच में चिल्ला दूँगा..

फिर उसने मेरे ब्रेस्ट को घूरते हुए आगे तरफ कर मेरा हाथ पकड़ लिया और उसे मरोड़ दिया..

में-ये क्या बात्तमीज़ी है यार..

पर वो रुका नहीं और मैं दर्द से कराह उठी पर में चिल्लाई नहीं वो जैसे जैसे हाथ मरोड़ रहा था मैं घूमती जा रही थी और जब वो रुका तब मेरी पीठ उसकी तरफ हो गयी थी..

में-चोदा मुझे ये क्या कर रहे हो तूमम..में आवाज़ दे दूँगी अब सच में आंटी को..

में-तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई…चोदा मुझे..

मैं छटपटा रही थी..मेरे हाथ में बहुत दर्द हो रहा था..और में बहुत डर भी गई थी..

अचानक उसका हाथ मुझे मेरी गांड पर महसूस हुआ..मेरे रोंगटे खड़े हो गये..

में-चोदा मुझे…क्या कर रहे हो तुम..

लड़का-वाह कितनी मुलायम गांड हे तेरी शिखा..मान करता हे कहा जाओ इसे..

में- देखो हाथ हटा लो अपना वरना मुझसे बुरा कोई नहीं होगा (मैंने छील्लाते हुए कहा)

पर वो नहीं रुका..वो बड़ी बड़ी से मेरी गांड की दोनों गोलाइयों को दबोच रहा था. मैं नाइटी पहनी हुई थी जिस कारण वो बहुत अच्छे से मेरी गांड को महसूस कर रहा था.. अचानक जब मेरी गांड की दरार में उसने अपनी उंगली डाली तो मैं सिहर उठी..मैं थर थर काँपने लगी..क्योंकि मेरे राहुल ने कभी मेरे साथ ऐसा नहीं किया था और आज पहली बार किसी ने मेरे साथ ऐसा किया था..

में-तुम हटते हो की नहीं..वरना में आंटी को बता दूँगी हाथ जाओ प्लीज़

लड़का-हां तो बता देना..में भी सबसे कह दूँगा की मैंने बुलाया था इसलिए आई थी तू..

में-चुत उप..कुछ तो शर्म करो यार..प्लीज़ जाने दो अब..

पर उसने मेरी एक ना सुनी और मेरी गांड के ऊपर नाइटी के कपड़े को अंदर ढकैलते हुए उसने अपनी उंगली मेरी गांड के छेद तक जा पहुँची..आज तक किसी ने भी मुझे वहां नहीं चूहा था..में सच में बहुत डर गई थी और मैं थर थर काँपने लगी थी..

लड़का-हम मस्त गांड हे यार तुम्हारी..तुम्हारा कोई बाय्फ्रेंड है या नहीं..

में-तुम्हें उस से क्या मतलब..चोदा मुझे प्लीज़

उसने मेरी बात अनसुनी करके मेरी गन्द के छेद को रगड़ना शुरू कर दिया.. मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था पर जब वो मेरे छेद को उंगली से रगड़ रहा था तो मेरे शरीर में एक अजीब सी हलचल हो रही थी.. सबसे बड़ा झटका मुझे तब लगा जब मुँझे अपनी जांघों के बीच फिर से गीला गीला महसूस हुआ..मेरे पीछले छेद पर हो रही रगड़ के कारण मेरी चुत ने शायद पानी छोड दिया था.. उस वक्त मैं बिलकुल खामोस हो गयी थी..

लड़का-क्या हुआ अच्छा लग रहा है ना तुम्हें शिखा??

में एक दम से जैसे होश में आई और उसे चिल्ला के कहा

में-समझ नहीं आ रही तुझे..अब देख में चिल्ला के बताती हूँ तुझे..

फिर अचानक उस कमीने ने कुछ अजीब तरीके से मेरे पीछले छेद को रगड़ा जिसके कारण मेरे मुंह से खुद भी खुद शीसीकि निकल गयी. “आहह…”

फिर उसने मेरी गांड में से अपनी उंगली हटाई और मेरा हाथ भी छोड दिया..

में जल्दी से भाग कर अपने रूम में घुस गई..रूम में आते ही मैंने उसे बंद किया और बिस्तर पर आंटी से चिपक के लेट गई.. मेरा शरीर थर थर काँप रहा था. आज तक कभी भी किसी ने मेरे साथ ऐसी हरकत नहीं की थी..में बहुत डर गई थी और मुझे रोना भी आ रहा था पर मैंने अपने आप को संभाला और सोचा यहां किसी को बताना ठीक नहीं होगा..सब तरह तरह की बातें करेंगे और फालतू बवाल होगा..और में सोने की कोशिश करने लगी..

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मेरा बाय्फ्रेंड- My boyfriend (Completed)

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