स्कूल पिकनिक – Kahani Hindi

1
26861

स्कूल पिकनिक – Kahani Hindi

गावों में पहली बार १२वी के बच्चों को कॉलेज के बाहर पिकनिक पे जाने का मौका मिल रहा था. सभी बच्चों के साथ बस मैं ठरकी भी जाने को बेताब था. ठरकी की मनपसंद साइन्स वाली टीचर बस मैं उनके साथ जा रही थी. ठरकी तो बस आखिरी सीट पे लंड पकड़ कर बैठा था क्योंकि आज वो इत्मीनान के साथ अपनी साइन्स वाली टीचर को निहार सकता था. थोड़ी देर बाद ठरकी अपनी टीचर के साथ वाली सीट पर बैठ गया और जैसे ही बस किसी गद्दे से गुजरती, वो अपनी मैडम के उछलते हुए मम्मे देख कर खुश हो जाता, जहाँ उसकी क्लास के बाकी लड़कों को अपने लंड की समझ तक नहीं थी, ठरकी अपनीसाइन्स टीचर को चोदने के सपने देखता था. ठरकी का दूर का चाचा घर मैं गंदी किताबें और फिल्में देखता रहता था, और ठरकी मौका ढूंढ. कर अपने चाचा से छुपाकर वो किताबें उठा लेता और रात को मूठ मारता था. ठरकी ने जब से अपनी जिंदगी की पहली गंदी मूवी देखी थी उस दिन से ही उसको अपने लंड के असली मकसद का पता लग गया था.

उधर ठरकी ने बस मैं बोतल से पानी पीने के बहाने खड़ा हो गया, और मौका देखते मैडम की सारी पे पानी फेंक दिया, मैडम का सीना पानी से गीला हो गया, तो ठरकी ने अपना रूमाल निकाल कर मैडम की छाती को साफ करना शुरू कर दी, मैडम को भी हड़बड़ाहट मैं पता नहीं चला की यह सब क्या हो गया, और जैसे ही मैडम ने ठरकी के हाथ अपने मम्मों पर देखे तो मैडम ने गुस्से मैं आकर ठरकी को थप्पड़ लगा दिया. सभी बचे हँसने लगे पर ठरकी ने जैसा सोचा था वैसा ही कर भी दिया. मन ही मन मैं ठरकी खुश था की अपनी साइन्स वाली टीचर के मम्मे दबा दिए उसने पहली ही ट्राइ मैं. ठरकी बस के पीछे गया और अपनी तर्क उतारने लगा.

रास्ते मैं एक लड़की ने बस के बाहर इशारा करते हुए बोला, “वो देखो सभी,  बाहर वो दो कुत्ते कैसे आपस मैं जुड़े हैं”. सभी बचे बाहर देखने लगे, मैडम ने जब बाहर देखा की कुत्ता-कुट्टी रास लीला करने के बाद आपस मैं चिपके हुए है तो वो पानी-2 हो गयी. लड़की ने पूछा की टीचर वो दोनों कुत्ते आपस मैं कैसे जुड़ गये, तो शर्म के मारे टीचर से कुछ बोला नहीं गया, बस यही बोला की सब बचे आगे ध्यान दो. तभी पीछे से ठरकी बोला, “पगली, कुतिया की ठुकाई हो के हटी है”. जब सभी लड़के ज़ोर-2 से हँसने लगे, तब टीचर ने ठरकी को ज़ोर से दांता, अब टीचर को भी पता लग गया था की
उसके मुममे पर पानी गिरना ठरकी की चाल थी, और क्यों उसका नाम ठरकी पड़ा.

ठरकी के लिए ये सब आम बात थी, वो कई बार अपनी भैंस को चुदवाने अपने चाचा के पास ले कर जाता था. भैंसा जब ठरकी की भैंस पर चढ़ता तो ठरकी बारे मजे से उन दोनों की रास लीला देखता. ठरकी की मैडम अब आगे से सतर्क हो गई थी, पिकनिक के दौरान भी ठरकी साइन्स टीचर के आस-पास ही घूमता रहा, जहाँ बाकी बचे खेलने और खाने मैं व्यस्त थे वहाँ ठरकी अकेली बैठी मैडम के पास जा कर बैठ गया. मैडम ने पूछा “हाँ ठरकी बोलो क्या बात है”, तो ठरकी बोला, “नहीं कुछ नहीं मैडम बस तबीयत ठीक नहीं लग रही, बुखार सा लग रहा है.” पहले मैडम ने ध्यान नहीं दिया पर फिर इस
डर के मारे की कहीं वो सच मैं बीमार तो नहीं है, मैडम ने ठरकी के पास जा कर अपने हाथ से ठरकी का माता चेक करने लगी, जैसे ही मैडम
अपने घुटनों के बाल ठरकी की तरफ बड़ी तो मैडम की सारी का पल्लू नीचे सरक गया और, मैडम के मोटे मुममे का नज़ारा दिखाई देने लगा, जहाँ मैडम का हाथ ठरकी के माथे और गर्दन को चेक कर रहा था, वही ठरकी की नज़र मैडम के झुके हुए मुममे पर पड़ रही थी, ठरकी का लंड तो हमेशा खड़ा ही रहता था, पर आज अपनी फेवरेट टीचर के गोल-2 मम्मे इतनी नज़दीक से देख के
ठरकी से कंट्रोल नहीं हुआ, वो झट से मैडम के सीने से जा कर लग गया, और रोने का ड्रामा करने लगा, मैडम को अचानक से झटका सा लगा, पर वो ठरकी के रोने की आवाज़ सुन कर घबरा गई, ठरकी अब रोने की ऐक्टिंग कर के बोल रहा था की वो घर जाना चाहता है और उसको आंटी की याद आ रही है, ठरकी मैडम के सीने से अपना सर जोड़ कर रो रहा था, और मैडम को अपना पल्लू सेट करने का भी
मौका नहीं मिला, ठरकी अब मैडम के मुममे से अपना सर जोड़ कर रोने का बहाना कर रहा था और मैडम शायद ये सोच कर उसके सर पर हाथ रख कर ठरकी को समझने लगी की वो सच मैं अपनी आंटी को याद कर रहा है, ठरकी अब मैडम के पीठ पर अपने हाथ फेयर रहा था और अचानक से उसने रोते-2 मैडम के एक मम्मे पर अपना हाथ रख दिया, और ज़ोर से चिल्ला कर बोलने लगा, ‘मुझे आंटी के
पास जाना है’, मैडम को लगा की ठरकी कुछ ज्यादा ही खुल रहा है, पर शायद वो ठरकी को बच्चा समझ कर कुछ नहीं बोल रही थी, पर फिर अचानक से मैडम ने ठरकी को पीछे किया और बोला, तुम आराम कर लो, हम कुछ ही देर मैं वापिस जा रहे हैं. मैडम के वहाँ से जाते ही, ठरकी झाड़ियों के पीछे गया और अपने खड़े लंड को इस मैं हिलने लगा की, आज तो मैडम के मम्मे फिर से दबाने को मिल गये. मूठ मारने मैं तो ठरकी उस्ताद था, एक दिन मैं 3-4 बार तो उसके लिए ये सब मामूली सी बात थी.

 स्कूल पिकनिक – Kahani Hindi

Content Protection by DMCA.com

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here