हॉंटेड – मुर्दे की वपसी – 294

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आंशिका को देखते हुए श्रेयस ने रोड चोद दी और बिना उसका सहारा लिए खड़ा हो गया , ” श्रेयस… ” आंशिका ने इतना ही कहा और फिर श्रेयस बिना किसी सहारे के अपने पैर को ज़मीन से रगड़ते हुए धीरे – धीरे आगे भी देने लगा.

श्रेयस को ऐसे आगे आता देख आंशिका की आँखों से उसके एहसास की बंद बाहर आ निकली.

पर वो कुछ ही कदम आगे बड़ा की उसके पैरों ने जवाब दे दिया और वो लड़खद्ते हुए नीचे गिरने लगा पर उसकी जिंदगी उसके पल ने उसे बच्चा लिया और उसे खड़ा कर दिया.

” क्यों… श्रेयस.. ” आंशिका जानती थी की श्रेयस सिर्फ़ उसके लिए ऐसा कर रहा है , उसके एहसास को महसूस कर श्रेयस ने उसके चेहरे से आँसू हटाया और अपने होंठ उसके माथे पर रख दिए. होठों का तो सिर्फ़ स्पर्श था लेकिन आंशिका जानती थी उस ‘ एहसास ‘ को जो सीधे उसके दिल से जुड़े थे. आंशिका ने फौरन श्रेयस को अपनी बाहों में भर लिया और अपनी रुआंसी पर एक खुशी भरे स्वर में बोली , ” ई लव यू श्रेयस… ई लव यू… में आपसे बहुत प्यार करती हूँ.. ”

इस बार वो सुन सकता था , पर जवाब फिर भी नहीं दे सकता था क्यों की उसकी आवाज़ उस लड़ाई ने छीन ली थी , वो अब बोल नहीं सकता था. वो जनता था की आंशिका को इसका जवाब मिल गया है उसके दिल से लेकिन वो खुद अपने लफ़्ज़ों से अपने प्यार का इजहार नहीं कर सकता था , शायद यही उसके दिल की उसके लिए एक आखिरी सिफारिश बाकी रही गयी थी , वो अपनी आँखों में दिल की बारिश से हुई बूँदों को लिए आंशिका को अपने से जोड़ कर खड़ा रहा.

इस बार कहानी का अंत कुछ अलग हुआ , शायद काफी अलग , पर क्या सिर्फ़ एक यही फर्क रहा इस बार पहली कहानी और इस बार की कहानी में , नहीं… सिर्फ़ जिंदगी बच जाने से कहानी का अंत अलग नहीं होता बल्कि अलग ये है की वो प्यार जो ज़िंदा है वो जनता है की वो उसे बेहद प्यार करता है पर कह नहीं सकता , अपने लफ़्ज़ों से उस प्यार को ये नहीं बता पाया की वो उसे कितना प्यार करता था , करता है और करता रहेगा , हमेशा दिल में वो इस बात का भोज बनाए जिएगा , ये है वो दर्द जो असली प्यार में होता है जहाँ आपके साथ प्यार तो है पर आप उसे कह नहीं सकते. प्यार के खोने से ज्यादा दर्द इंसान के दिल में तब होता है जब आप उसे कह नहीं सकते की जिस जिंदगी में वो जी रहा है उसकी जीने की असल वजह तुम हो , तुम्हारा हर एहसास है.

मज़ेदार सेक्स कहानियाँ

मना प्यार खोने का दर्द दुनिया में सबसे बड़ा है , महसूस करके देखो तो शायद इंसान मरने को हो जाता है पर तब हमारे पास वो एक ‘ एहसास ‘ होता है जो हमें वो सहारा देता है जो हम उस ‘ एहसास ‘ में नहीं पा पटा-ते जहाँ हम अपने प्यार के पास होकर भी उसे ये नहीं कह पटा-ते की हाँ में हूँ जो तुमसे इस दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार करता हूँ , इस कुदरत की बनाई दुनिया में सबसे ज्यादा. बहुत कम फर्क है और वो सिर्फ़ इतना की वो प्यार आपके सामने है , आपके साथ जिंदगी भर के लिए , पर दर्द दोनों में उतना ही है बस दर्द की परिभाषा तब बदल जाती है….

‘ दिल तो प्यार करता है पर कह नहीं सकता क्यों की उसके पास खुद की कोई आवाज़ नहीं होती…… ‘ . प्यार एहसास से होता है इस बात को कोई झुटला नहीं सकता , कहानी में आंशिका जानती है श्रेयस के एहसास को , पर श्रेयस जो उस एहसास को बाँटना चाहता है क्या वो अपने लफ़्ज़ों से बाँट सकता है , क्या वो इस दर्द को कम कर सकता है जो वो छा कर भी नहीं बाँट सकता , क्या वो अपनी सिफारिश ये कहने की , ‘ आज में कुदरत की सबसे हसीना पल में जी रहा हूँ तुम्हारे साथ ‘ पूरी कर सकता है.. ?

‘ दर्द वही है जो हम बाँट नहीं सकते , लफ़्ज़ों का बहुत बड़ा खेल होता है उनमें , वरना तरीके तो कई है… ‘

100 सालों से चलती आई इस लड़ाई में बहुत कुछ देखा , जिसमें बहुत कुछ खोया और पाया क्या.. एक अलग दर्द जिसमें प्यार तो है पर उन्हें बयान करने के लिए लफ़्ज़ नहीं…..

‘ तार — तार ‘ टेबल पर घूमती वो अंघुटि जो गोल गोल घूमती और फिर टेबल पर , ‘ टन- टन ‘ करती हुई बिखर कर शांत हो जाती , पर फिर वो हाथ उन्हें घूमते और वो गोल – गोल घूमती और फिर उसी तरह नीचे गिर जाती. तभी

दरवाजे पर दस्तक हुई और एक भारी आवाज़ आई , ” हम ” इतनी आवाज़ सुनते ही वो दरवाजा खुला और एक आदमी अंदर आया और अंदर आकर ठीक उस बैठे हुए शॅक्स के सामने आ खड़ा हुआ.

” सर.. अभी डेलिएवेरेड थे पॅकेट्स , ओवर थे कंट्री … ” उस आदमी ने बड़ी तहज़ीब के साथ अपनी बात कही.

” गुड… ” कहते हुए उस आदमी ने उस अंघुटि को अपने हाथों के नीचे दबा लिया. ” वेरी गुड… ” इतना कहते ही वो ज़ोर – ज़ोर से हँसने लगा , जैसे वो आने वाले किसी नये तूफान को अपनी आँखों से अभी देख रहा हो.

” नाउ तीस विल भी थे गेम ऑफ रिंग्स , हाहहाहा…. आह… ” भारी सांस चोदते हुए उसने उस रिंग को हवा में उछाल दिया और वो रिंग गोल – गोल घूमती हुई हवा में लहराती गयी और उँचाई छुट्टी गयी……

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