साइबर सेक्स – Ek Kahaani – 20

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आकर उसे गिरफ्तार किया. सब कुछ कैसे लोगों के समझ के बाहर था. लोगों में चल रही ख़ुसर फुसर देख कर रवि ने ताड़ लिया की लोगों को पूरी केस और उसकी गंभीरता समझना जरूरी है, नहीं तो लोग और गड़बड़ी मचा सकते है, क्योंकि पवन जो कुछ पल पहले ही सब लोगों का हीरो था उसे अंकिता ने अगले ही पल उसे विलेन करार दिया था. लोगों को वह सक्चा या अंकिता सच्ची यह जान ने की उत्कंठा होना भी लाजमी था.

“शांत हो जाए… शांत हो जाए प्लीज़….” रवि हाथ ऊपर कर, जो कुछ लोग उठ खड़े हुए थे उन्हें बिताते हुए बोले, “कोई डरने की या घबरा ने की कोई जरूरत नहीं.. तीस इस आ केस ऑफ ब्लॅकमेलिंग और साइबर क्राइम….. मैंने खुद इस केस पर काम किया है… और इस केस का गुनहगार के तोर पर अभी अभी आपके सामने पवन सरकार को पकड़ा गया है…”

फिर भी लोग शांत होने के लिए तैयार नहीं थे, तब एंकर ने फिर से माइक का कब्जा लिया, “दोस्तों शांत हो जाए… प्लीज़ शांत हो जाए… हमारी प्रतिस्पर्धा भी एतिकल हॅकिंग… यानि की हॅकिंग के बारे में ही थी… और इंस्पेक्टर रवि ने अभी आप लोगों के सामने हैंडिल की केस भी हॅकिंग और क्रॅकिंग के बारे में ही थी…. इसलिए इंस्पेक्टर रवि साहेब को मेरी बिनती है की वे इस केस के बारे में… उन्होंने यह केस कैसे हैंडिल की… यह केस हैंडिल करते वक्त किन किन चुनौतियों का सामना उन्हें करना पड़ा… और आख़िर वह गुनहगार तक कैसे पहुंचे… यह सब यहाँ इकट्ठा हुए लोगों को विस्तार से बताए…”

अब कहा लोग फिर से शांत हो चुके थे. यह केस क्या है…? और इंस्पेक्टर रवि ने उसे कैसे हैंडिल किया… यह जान ने की लोगों में उत्सुकता दिखने लगी. एंकर ने एक बार फिर से इंस्पेक्टर रवि की तरफ देखा और उन्हें आगे आकर पूरी कहानी बयान करने की बिनती की. रवि ने अंकिता के तरफ देखा, अंकिता ने आखों से ही इजाज़त दे दी. रवि सामने आए और उन्होंने माइक एंकर से अपने पास ले लिया…

रवि कहानी कथन करने लगा –

“साइबर क्राइम यह अब भारत में नया नहीं रहा है… आज कल पूरे देश में लगभग रोज कुछ साइबर क्राइम की घटनाए घटित होती रहते है… लेकिन तहकीकात करते वक्त मुझे हमेशा इस बात का एहसास होता हे की लोगों की साइबर क्राइम के बारे में बहुत ग़लतफ़हमियाँ है…. जितनी उनकी साइबर क्राइम के बारे में ग़लतफ़हमियाँ है उतना ही उनका अपने देश के पुलिस डिपार्टमेंट पर भरोसा उड़ा हुआ दिखाई देता है… उन्हें हमेशा आशंका लगी रहती है की यह टोपी और डंडे लेकर घूमने वाले पुलिस यह इतना अड्वान्स… यह इतना टेक्निकल क्राइम कैसे हैंडिल कर सकते है..?… उन्हें साइबर क्राइम के बारे में अपना पुलिस डिपार्टमेंट कितना सक्षम है इसके बारे में आशंकाए लगी रहती है… लेकिन अब अभी अभी मैंने हैंडिल किए केस के जरिए में लोगों को यकीन दिलाना चाहता हूँ की…. साइबर क्राइम के बारे में अपना पुलिस डिपार्टमेंट सिर्फ़ सक्षम ही नहीं तो पूरी तरह से तैयार है.. इस तरह का या और किसी तरह का गुनाह होने के बाद जिस कार्य क्षमता से हम दूसरे गुनहगारों को तुरंत पकड़ सकते है उसी कार्य क्षमता से हम साइबर क्रिमिनल्स को भी पकड़ सकते है.. लेकिन फिर भी कुछ चीज़ों के बारे में गुनाह हैंडिल करते वक्त कम पड़ते है… खास कर जब उस गुनाह को दूसरे किसी देश के ज़मीन से अंजाम दिया जाता है तब… उस केस में वह गुनहगार किसी दूसरे देश के कानून के कार्य क्षेत्रा में आता है… और फिर वह देश हमें उस गुनाह के बारे में उस गुनहगार को पकड़ने के लिए कितना सहकार्या करते है इसपर सब निर्भर करता है…. साइबर गुनाह के बारे में और एक महत्त्वपूर्ण बात…. इसमें इंटरनेट इस्तेमाल करनेवाले लोगों को कुछ चीज़ों में बहुत ही जगह रुक होना आवश्यक होता है… जैसे किसी को, उस सामने की पार्टी की पूरी जानकारी रहे बिना खुद की जानकारी… पासवर्ड…. फोन… मोबाइल नो. देना बहुत ही खतरनाक होता है… वैसे अनसेफ, अनप्रोटेक्टेड, उंसेकुरे कनेक्षन पर फाइनान्षियल ट्रॅन्सॅक्षन करना… अपने खुद के प्राइवेट फोटो इंटरनेट पर भेजना… इत्यादि… यह भी खतरे से खाली नहीं है… अब में यह जो केस विस्तार पूर्वक बताने वाला हूँ… इससे आपको किस तरह जागरूक रहना पड़ेगा इसका अंदाज़ा आ जाएगा….”

इतना प्रस्तावना देकर रवि पवन के केस के बारे में बताने लगा….
एक रूम में पवन और जाए रहते थे. रूम के स्थिति से यह जान पड़ता था की उन्होंने रूम किराए से ली होगी. कमरे में एक कोने में बैठ कर पवन अपने कंप्यूटर पर बैठ कर चाटिंग कर रहा था और कमरे के बीचो बीच जाए डिप्स मरता हुआ एक्साइज कर रहा था. पवन अपने कंप्यूटर पर दिख रहे चाटिंग विंडो में धीरे धीरे ऊपर खिसक रहे चाटिंग मेसेजस एक एक करके पढ़ रहा था. शायद वह चाटिंग के लिए कोई अच्छा सतिदार ढूंढ. रहा होगा. जब से….

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