साइबर सेक्स – Ek Kahaani – 23

0
3

पीछा कर रहे पवन और जाए अब जल्दी करते हुए उनके रूम के दरवाजे के पास आ गये. जाए ने दरवाजा धकेल कर देखा. वह अंदर से बंद था.

“अब क्या हम यहाँ उनकी पहरेदारी करनेवाले है…?” जाए ने चिढ़कर लेकिन धीमे स्वर में कहा.

“डोंट वरी… अभी हॅव आ सल्यूशन…” पवन ने उसका हौसला बढ़ते हुए कहा.

जाए दरवाजे के के होल से अंदर होटल के रूम में देख रहा था….

अंदर फोन उठा ते हुए अंकिता के हाथ का हल्का सा स्पर्श संतोष को हुआ. बाद में फोन का नंबर डायल करने के लिए उसने दूसरा हाथ सामने किया. इसबार उस हाथ का भी संतोष को स्पर्श हुआ. इसबार संतोष अपने आपको रोक नहीं सका. उसने अंकिता का फोन डायल करने के लिए सामने किया हाथ हल्के से अपने हाथ में लिया. अंकिता उसकी तरफ देख कर शर्मा कर मुस्कुराईं. उसने अब वह हाथ कस कर पकड़ कर खींच कर उसे अपने आगोश में लिया था. सब कुछ कैसे तेजी से हो रहा था. उसके होंठ अब थरथराने लगे थे. संतोष ने अपने गर्म और अधीर हुए होंठ उसके थरथरते होठों पर रख दिए और उसे झट से अपने मजबूत आगोश में लेकर, उठा कर, बाजू में रखे बेड पर लिटा दिया….

जाए के होल से इतने देर से अंदर क्या देख रहा है…? और वह भी कुछ शिकायत ना करते हुए. पवन को आशंका हुई, उसने जाए का सर के होल से बाजू हटाया और वह अब खुद अंदर देखने लगा….

अंदर अंकिता के शरीर पर संतोष झुक गया था और वह उसके गले को चूम रहा था मानो उसके कोन में कुछ कह रहा हो. धीरे धीरे उसका मजबूत मर्दानी हाथ उसके नाज़ुक अंगों से खेलने लगा और प्रतिक्रिया के रूप में वह भी किसी लतिका की तरह उसे चिपक कर सहला रही थी. हक से अब वह उसके शरीर से एक एक कर कपड़े निकल ने लगा और वह भी उसके शरीर से कपड़े निकल ने लगी…

होटल ओबेरोई में ये लुक्का छुपी का खेल पवन और जाए दोनों बड़ी सावधानी और सतर्क रही कर ये सब कर रहे थे… उन्होंने पहले ही देख लिया था की कहीं कमरा वाईगेरह तो नहीं है… लेकिन कमरा नहीं था…

पवन ने जाए की उसका सर के होल से बाजू होगा इसकी थोड़ी देर रही देखी. लेकिन वह वहाँ से हटने के लिए तैयार नहीं था. तब जाए ने ज़बरदस्ती उसका सर के होल से बाजू हटाया और वह उसे बोला, “मेरे भाई यह देखने से अपना पेट भर्नेवाला नहीं है… थोड़ा अपने पेट पानी का भी सोचो…”

अंदर का दृश्या देखने में लीं हुआ पवन अब कहा होश में आ गया.

“लेकिन अब उनके फोटो तुम कैसे निकालने वाले हो…?” जाए ने काम का सवाल पूछ लिया.

“डोंट वरी अभी अरे एक्विप्ड विद टैक्नोलॉजी…” जाए ने उसे दिलासा दिया और उसने अपने जेब से एक वाइयर जैसे चीज़ निकल कर उसका एक सिरा अपने कमेरे से जोड़ा और दूसरा सिरा दरवाजे के के होल से अंदर डाला.

“यह….क्या है…. पता है…?” जाए ने पूछा.

“तीस इस स्पेशल कमरा माय डियर…” पवन ने कहा और वह उस स्पेशल कमेरे से होटल के रूम के सारे फोटो निकालने लगा. शाम का वक्त था. पवन सुबह से अब तक उसके रूम में कंप्यूटर पर बैठा हुआ था. जाए उसके बगल में आकर खड़ा हो गया और उसका क्या चल रहा है यह देखने लगा. जाए की आहट होते ही पवन के बोर्ड की कुछ बटन्स दबाता हुआ बोला,

“देख यह है हमने निकली हुई तस्वीरें…. कैसी लग रही है…?”

कंप्यूटर के मॉनिटर पर अंकिता और संतोष की हॉट फोटोस किसी स्लीडेशोव की तरह एक के पीछे एक ऐसी आगे आगे खिसकने लगी…

“वो….वो… एकदम परफेक्ट…. जस्ट लाइक आ प्रोफेशनल फोटोग्राफर…” जाए पवन की सरहाना करते हुए बोला.

“लेकिन सिर्फ़ यह फोटोग्रापस देख कर क्या होनेवाला है… हमें आगे भी कुछ करना पड़ेगा… सिर्फ़ सुबह से शाम तक कंप्यूटर पर बैठ कर क्या होने वाला है…?” जाए उसे ताना मरते हुए बोला.

“अरे…..अब आगे का काम यह कंप्यूटर ही करने वाला है… पहले में अंकिता के मैल बॉक्स से संतोष को एक मैल भेजता हूँ… फिर उसके बाद तुम्हारा काम शुरू होने वाला है…” पवन ने कहा.

“तुम मेरे काम के बारे में एक दम बिंडस्त रहो… सिर्फ़ पहले तुम्हारा काम होने के बाद मुझे बता देना…” जाए ने कहा..

पवन ने काफी मेहनत करके हासिल किया हुआ पासवर्ड देकर अंकिता का मैल बॉक्स खोला और वह मैल टाइप करने लगा –

“संतोष… सबसे पहले तुम्हें लिखूं या ना लिखूं ऐसा सोचा… लेकिन बाद में तय किया की लिखना ही ठीक रहेगा… हम मुंबई को मिलने के बाद में में वापस गयी और इधर एक प्राब्लम हो गया… वैसे उसको प्राब्लम नहीं बोल सकते… लेकिन तुम्हारे लिए उसे प्राब्लम ही कहना पड़ेगा… इधर मेरे रिश्तेदारों को क्या लगा क्या मालूम लेकिन उन्होंने तुरंत मेरी शादी तय की है… पहले मुझे बहुत बुरा लगा…. लेकिन बाद में मैंने उसके बारे में बहुत सोचा और में इस नतीजे पर पहुँची हूँ की मेरे रिश्तेदार….

Content Protection by DMCA.com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here