डेडी आंटी नही है घर पे.. कुछ तो करेंगे मिलके आ ज़रा – चुदाई की मस्त कहानी

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मैं अभी भी कॉलेज में पढ़ता हूँ. मैं अपने कॉलेज की कई लड़कियों को चोद चुका हूँ. मेरे घर के पड़ोस में एक परिवार रहता था. उनके घर मेरा आना जाना था. उनकी एक लड़की थी. उसका नाम मिनी था. उसकी उमर लगभग 18 साल की थी. उनके घर पर एक कंप्यूटर भी था. मिनी बहुत ही सेक्सी थी. मैं उसे चोदना चाहता था लेकिन कोई मौका नहीं मिल पा रहा था.

ये उस समय की बात है जब मिनी के पेरेंट्स 1 मंथ के लिए यूके चले गये थे. घर पर केवल मिनी ही अकेली थी. एक दिन मिनी ने मुझे घर बुलाया. उसका कंप्यूटर खराब हो गया था. मैं कॉलेज जा रहा था इसलिए मैंने शाम को आने के लिए कह कर कॉलेज चला गया. कॉलेज से वापस आने के बाद मैं मिनी के घर 5 बजे शाम को पहुंच गया. मैंने कॉल बेल बजाई तो मिनी ने दरवाजा खोला. उसने लाल रंग की स्कर्ट और ब्लैक रंग की टी-शर्ट पहन रखी थी. उसने अंदर कुच्छ भी नहीं पहन रखा था. उसकी चुचियों के दोनों निपल्स बाहर से ही महसूस हो रहे थे.

मैं घर के अंदर गया. वो मुझे कंप्यूटर के पास ले गयी. मैंने कंप्यूटर को ऑन किया और चेक करने लगा. मिनी चाय बनाने चली गयी. मैंने एक फोल्डर को खोला जो मिनी ने हाइड की हुई थी. उस में बहुत सारी अडल्ट पिक्चर्स की फाइल्स थी. मैं उन पिक्चर्स को देखने लगा. थोड़ी देर बाद मिनी चाय ले कर आ गयी. उस समय कंप्यूटर स्क्रीन पर जो फोटो थी उस में एक आदमी एक लड़की को डॉगी स्टाइल में चोद रहा था. वो मेरे बगल में बैठ गयी और बोली, “प्लीज़. ये फाइल्स बंद कर दो. इसे मत देखो.” मैंने कहा, “बहुत अच्छी पिक्चर है.” मिनी का चेहरा शर्म से लाल हो गया. उसने माउस पकड़ कर उस पिक्चर को बंद करना चाहा तो मैंने कहा, “बहुत अच्छी पिक्चर है. प्लीज़. मुझे देखने दो. तुमने इसे किस साइट से डाउनलोड किया है.” वो बोली, “प्लीज़. विक्की बंद कर दो इसे.” मैंने कहा, “मैं कोई गलत काम थोड़े ही कर रहा हूँ. आख़िर तुम भी तो ये पिक्चर देखती होगी. तुम भी जावन् हो और मैं भी. तुमने कभी ट्राइ किया है.” वो चुप रही तो मैंने फिर पूछा. वो बोली, “मैं अभी तक कुँवारी हूँ. मैंने कभी किसी से नहीं करवाया है.” मैंने उस से झूठ बोला और कहा, “मैंने भी आज तक किसी लड़की के साथ कुच्छ नहीं किया है. घर पर भी कोई नहीं है. चलो, आज हम दोनों इसे ट्राइ करते हैं.” उसने इनकार कर दिया तो मैंने पूछा, “क्यों?” इस बार वो कुच्छ नहीं बोली और उसने अपना सर दूसरी तरफ घुमा लिया. मैंने उसके चेहरे को पकड़ कर अपनी तरफ घुमाया तो उसने मेरा हाथ झटक दिया. मैंने फिर पूछा, “हम दोनों ही कुंवारे हैं और आज अच्छा मौका है. तुम भी जवान हो और मैं भी.घर पर भी कोई नहीं है. हमें ट्राइ करना चाहिए.”

वो एक दम चुप रही. मैंने उसकी जांघों पर हाथ फिरना शुरू कर दिया तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया. उसने अपनी दोनों जांघों को एक दूसरे पर रख कर ज़ोर से दबा लिया. मैंने उसकी जांघों को सहलाते हुए अपना हाथ उसकी जांघों के बीच घुसा दिया. मेरा हाथ सीधा उसकी चुत पर लगा. उसने नीचे भी कुच्छ नहीं पहन रखा था. उसकी चुत एक मुलायम और चिकनी थी. उसने इस बार मेरा हाथ नहीं हटाया. मैं समझ गया की मेरा काम बन जाएगा. मैंने उसकी चुत को सहलाना शुरू कर दिया तो उसकी साँसें बहुत तेज चलने लगी और उसका चेहरा एक दम लाल हो गया. वो कुच्छ नहीं बोली.

थोड़ी देर तक उसकी चुत सहलाने के बाद मैं उठा. मैंने उसे गोद में उठा लिया और बेडरूम में ले जाने लगा तो उसने अपना चेहरा मेरे सीने में छुपा लिया. बेडरूम में ले जा कर मैंने उसे बेड पर लिटा दिया. मैंने उसकी टी-शर्ट और स्कर्ट उतार दी. उसके कपड़े उतरने के बाद मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए. मुझे नंगा होते देख उसने अपनी आँखें बंद ली लेकिन उसके चेहरे पर मुस्कुराहट थी. उसका संगमरमर सा गोरा बदन एक दम नंगा मेरे सामने था. मुझे जोश आने लगा. मैं उसके होठों को चूमना शुरू कर दिया. थोड़ी देर तक होठों को चूमने के बाद मैंने धीरे धीरे उसके चुचियों को, पेट को, जांघों को और फिर उसकी चुत को चूमने लगा.

वो एक दम गरम हो गयी और सिसकियां भरने लगी. मेरा लंड भी खड़ा हो कर जोश से एक दम लोहे जैसा हो गया था और झड़ने वाला था. मैंने अपना लंड उसके मुंह के पास कर दिया और चूसने को कहा. वो कुच्छ नहीं बोली. मैंने उसके मुंह में अपना लंड घुसने की कोशिश की तो उसने अपना मुंह इधर उधर करना शुरू कर दिया. थोड़ी देर ना नुकुर करने के बाद आख़िर में उसने अपना मुंह खोल दिया. मैंने अपना लंड उसके मुंह में डाल दिया और वो उसे चूसने लगी. मैं उसके ऊपर लेट गया और मैंने उसकी चुत चटनी शुरू कर दी. 2 मिनट बाद ही मैं उसके मुंह में झाड़ गया और उसने मेरे लंड का सारा पानी निगल लिया. लंड का सारा पानी निगल जाने के बाद भी उसने मेरा लंड चूसना ज़ारी रखा. वो भी अब तक बहुत जोश में आ गयी थी और उसकी चुत से भी पानी निकालने लगा. मैंने भी उसकी चुत का सारा पानी चाट लिया. वो एक दम नमकीन और कुच्छ कुच्छ खट्टा था.

5 मिनट में ही मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. मैं भी अभी तक उसकी चुत को चाट रहा था और वो भी अपना चूतड़ उठा उठा कर मजा ले रही थी. हम दोनों बहुत जोश में आ गये थे. मैं उसके ऊपर से हाथ गया और उसे डॉगी स्टाइल में होने को कहा. वो कुच्छ नहीं बोली और चुप-चाप उठ कर डॉगी स्टाइल में हो गयी. उसने अपना सर तकिये पर टीका दिया. मैं समझ गया की वो चुदवाने के लिए एक दम बेकाबू हो रही है. मैं उसके पीछे आ गया. मैंने उसकी चुत को पहला कर अपने लंड का सूपड़ा उसकी चुत के बीच रख दिया. वो कुच्छ नहीं बोली. मैंने अपना लंड थोड़ा सा अंदर दबाया. उसकी चुत बहुत टाइट थी और केवल मेरे लंड का सूपड़ा ही उसकी चुत के अंदर घुस पाया.

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मैंने थोड़ा और दबाया तो वो पहली बार बोली, “प्लीज़. ज़रा धीरे.” मैं समझ गया की वो एक दम जोश में आ गयी है. मैंने अपना लंड थोड़ा और अंदर दबाया तो वो सिसकियां भरने लगी. मेरा लंड उसकी चुत में अब तक 2″ घुस चुका था. मैंने अपना लंड उसकी चुत में धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू कर दिया. उसने भी अपना चूतड़ पीछे की तरफ दबाया और सिसकियां भरने लगी, उफ़फ्फ़… विक्की… धीरे… प्लीज़. दर्द हो रहााआ है….. उईए…. म्माआआआ…… आआआहह… रुक्कककककक….. जाओ……. मैं रुक गया. वो बोली, “विक्की, मैं पहली बार करवा रही हूँ. ज़रा आराम से धीरे धीरे करो. बहुत दर्द हो रहा है.” मैंने कहा, “तुम घबराओ मत. मैं धीरे धीरे और आराम से ही करूँगा. मैं जनता हूँ की तुम अभी तक कुँवारी हो और तुम्हारी चुत एक दम टाइट है.” मैंने धीरे धीरे अपना लंड उसकी चुत में अंदर बाहर करना शुरू कर दिया.

2-3 मिनट तक चोदने के बाद उसे भी और ज्यादा मजा आने लगा. वो बोली, “विक्की, तुम अपना लंड थोड़ा सा और अंदर डाल दो. मैं तैयार हूँ.” मैंने थोड़ा सा और दबाया तो मेरा लंड उसकी चुत में 3″ तक घुस गया. वो फिर बोली, “बस, रुक जाओ प्लीज़. दर्द हो रहा है. अभी इतना ही अंदर डाल कर चोदा मुझे.” उसका सील टूट चुका था और वो अब मेरा लंड अपनी चुत में आराम से अंदर ले रही थी. मैंने उसे धीरे धीरे चोदना शुरू कर दिया. 2-3 मिनट में ही उसका दर्द जब कुच्छ कम हुआ तो उसे मजा आने लगा. वो बोली, “विक्की, थोड़ा और अंदर डाल कर और तेजी…. से चोदा… मुझे.” मैंने थोड़ा और अंदर दबाया तो मेरा लंड उसकी चुत में 4″ तक घुस गया. मैंने अपनी बढ़ता को बढ़ते हुए उसे चोदने लगा. वो अपना चूतड़ आगे पीछे करते हुए मेरा साथ दे रही थी. 5 मिनट तक चोदने के बाद वो बहुत जा जोश में आ गयी और बोली, “विक्की, और अंदर डालो अपना लंड मेरी चुत में. खूब तेज चोदा मुझे. अब रुकना नहीं, पूरा लंड अंदर घुसा देना. मैं एक दम बेकाबू हो रही हूँ और मुझे बर्दाश्त नहीं हो रहा है.” मैंने अपना लंड थोड़ा और अंदर दबाया तो मेरा लंड उसकी चुत में 5″ तक घुस गया. मैंने उसे धीरे धीरे चोदना शुरू कर दिया. थोड़ी देर तक चोदने के बाद मैंने एक जोरदार धक्का लगा दिया. मेरा लंड उसकी चुत में 6″ तक घुस गया. वो चिल्ला उठी लेकिन उसने मुझे रुकने के लिए नहीं कहा. मैंने एक फाइनल शॉट लगा दिया तो वो बहुत तेज चिल्लाने लगी. मेरा 7″ का पूरा लंड उसकी चुत में एक दम झड़ तक घुस चुका था. वो बोली, “विक्की, तुमने आख़िर मुझे आज एक लड़की से औरत बना ही दिया. मैंने अपनी चुत में तुम्हारा पूरा लंड अंदर ले ही लिया. बहुत दर्द हो रहा है. थोड़ा रुक जाओ, तब चोदना.” मैं रुक गया.

थोड़ी देर बाद जब वो शांत हुई तो उसने मुझसे चोदने के लिए कहा. मैंने मिनी की चुदाई शुरू कर दी. पहले बहुत धीरे धीरे उसके बाद मैंने बहुत तेजी के साथ चोदना शुरू कर दिया. 5 मिनट तक उसे चुदवाने में थोड़ा दर्द हुआ लेकिन उसके बाद वो एक दम शांत हो गयी और उसे मजा आने लगा. उसने अपना चूतड़ आगे पीछे करते हुए मेरा साथ देना शुरू कर दिया. 2 मिनट बाद ही वो बोली, “और तेज चोदा, विक्की. ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाओ.” मैंने अपनी बढ़ता बढ़ा दी और बहुत तेज तेज धक्के लगाने लगा. वो अब अपनी चुत में मेरा पूरा लंड आराम के साथ अंदर ले रही थी. 2 मिनट भी नहीं बातें की वो फिर बोली, “विक्की, मुझे कुच्छ हो रहा है. लगता है मेरी चुत से पानी निकालने वाला है. खूब ज़ोर ज़ोर से धक्का लगाओ.” मैं समझ गया की वो झड़ने वाली है. मैंने बहुत ही तेजी के साथ उसकी चुदाई शुरू कर दी.

वो बोली, “आआआ… विक्की…… मैं…. आआआ… रही…. हूँ….और तेज …. और तेज….. .” उसकी चुत से पानी निकालने लगा और मेरा सारा लंड भीग गया. मैं भी बिना रुके उसे आँधी की तरह चोदता रहा. लगभग 20 मिनट तक चोदने के बाद मैं उसकी चुत में ही झाड़ गया. इस दौरान वो भी 3 बार झाड़ चुकी थी. लू न्ड का पूरा पानी उसकी चुत में निकल जाने के बाद मैं हाथ गया. हम दोनों तक गये थे. कुच्छ देर आराम करने लगे. 15 मिनट बाद वो बोली, “विक्की, प्लीज़. एक बार और करो ना. मुझे बहुत अच्छी लग रही थी यह चुदाई.” उसने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया. 10 मिनट में ही मेरा लंड एक दम तैयार हो गया. मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसके चूतड़ के नीचे 2 तकिये रख दिए. उसकी चुत एक दम ऊपर उठ गयी. मैंने उसकी चुत के बीच जैसे ही अपना लंड रखा तो वो बोली, “विक्की, मुझे बहुत मजा आया था. इस बार तुम अपना लुंडेक ही धक्के में पूरा अंदर डाल दो.” मैंने अपनी सांसें रोक कर अपने को थोड़ा तैयार किया और पूरा ज़ोर लगते हुए एक करारा धक्का मारा. मेरा पूरा लंड सनसंता हुए उसकी चुत में घुस गया. वो बहुत तेज चीख पड़ी.

मैंने बिना रुके उसकी चुदाई शुरू कर दी. 2 मिनट में ही वो अपना चूतड़ उठा उठा कर मेरे हर धक्के का जवाब देने लगी. मैंने अपनी बढ़ता और बढ़ा दी. 5 मिनट की चुदाई के बाद वो झाड़ गयी. उसकी चुत एक दम गीली हो चुकी थी और मेरा लंड भी उसकी चुत के पानी से एक दम गीला हो चुका था. मैं रुका नहीं उसको चोदता रहा. रूम में फ़च-फ़च की आवाज़ गूँज रही थी. इस बार मैंने उसे बिना रुके लगभग 35 तक चोदा और उसकी चुत में ही झाड़ गया. लंड का पूरा पानी उसकी चुत में निकल देने के बाद मैं हाथ गया और उसके बगल में ही लेट गया. इस बार की चुदाई में वो 4 बार झाड़ चुकी थी. वो भी तक कर चोद हो गयी थी और एक दम निढल हो गयी थी. वो बेड पर ही पड़ी रही.

मैंने उसे 1 मंथ तक कभी अपने रूम पर और कभी उसके रूम पर खूब चोदा. उसके और मेरे घर का कोई कोना नहीं बच्चा था जहाँ मैंने उसकी चुदाई ना की हो. वो खूब मस्त हो कर चुदवाती थी. आज भी मौका मिलते ही वो किसी ना किसी बहाने मेरे रूम पर आ कर मुझसे चुदाया जाती है…

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