मॅनेजर साहिब – Ek Tharki Company manager ki kahani – 2

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मैनेजर साहिब – Ek Tharki Company manager ki kahani – 2
मैं प्रिया से फर से माफी माँगने हुए उसके थोड़ा और जरीब गया लेकिन दूसरे ही पल प्रिया ने मुझे दोनों हाथों से धक्का दिया और में नीचे ज़मीन पर गिर गया. तभी प्रिया मेरे पड़ आई और जैसे ही में खड़ा हुआ तो 2 जोरदार चाहते उसने मुझे मर दिए और बोलने लगी साला गंदी नली का कीड़ा. आगेसे मेरे करीब आने की कोशिश मत करना और गेट लॉस्ट फ्रॉम हियर. और अगर तुम कल ऑफिस आए तो तू सोच भी नहीं सकते के मैं तुम्हारा क्या हाल करूँगी और इतना कहते हुए प्रिया ने फिर एक चाहता मेरे गालों पे झड़ दिया.

अब मेरा गुस्सा कंट्रोल मैं नहीं था और 3-4 छानते प्रिया के हाथ के खाने के बाद बहुत तरफ गया और जिस की वजह से में चुप था वो नौकरी भी ऑलमोस्ट चली ही गयी थी. और तभी मैंने प्रिया को सबक सीखने का सोच लिया.

प्रिया मुझसे थोड़ी दूर दूसरी तरफ मुंह कर के खड़ी थी. में उसके पास गया तो उसके मुझे देख के कहा यू बस्टर्ड तुम गये नहीं यहां से, गेट लॉस्ट फ्रॉम हियर यू गंदी नदी के कीड़े और तभी मैंने उसके बालों को ज़ोर से पकड़ा और उसके मुंह को मेरी और खींचा और अपने होंठ उसके होंठ पर रख दिए.

वो बहुत रेज़िस्ट झड़ने लगी और छटपटाने लगी और छूटने की कोशिश कर रही थी. प्रिया अपने हाथ पर ज़ोर से हिला रहूं थी लेकिन मैंने एक जोरदार किस उसके होठों पे झड़ दिया और फिर मैंने अपने एक हाथ से उसके दोनों हाथों को पकड़ा और दूसरे हाथ से शादी का पल्लू गिरके उसके ब्लाउज के बट्तन खोलने लगा और देखते ही देखते मैंने ब्लाउज के सारे स्तनों खोल दिए और ब्रा को भी थोड़ा ज़ोर लगाकर नीचे कर दिया

अब उसके दोनों बूब्स मेरे सामने थे और मैंने अपने रूमाल से प्रिया का मुंह भी बाँध कर बाँध कर दिया था ताकि वो चिल्ला ना सके.
अब प्रिया का मुंह भी बाँध था और उसके दोनों बूब्स भी बाहर थे. मैंने उसके बूब्स को दोनों हाथों से पकड़ लिया और उसको मसलने लगा. प्रिया अब बहुत ही रेज़िस्ट कर रही थी छूटने के लिए पर उसके सारे प्रेज़ व्यर्थ जा रहे थे. अब में उसके पीछे आ गया और अपना लंड उसकी गांड में सत्ता दिया.

ये सब चल ही रहा था की उसी दौरान मेरे रूम पार्ट्नर राज का फोन आया और उसने मुझे बताया की वो कंपनी की अर्जेंट मीटिंग के सिलसिले में बॉस के साथ 2 घंटे पहले ही पार्टी से निकल चुका है और अब वो 2 दिन बाद ही रूम पे आएगा. राज ने मुझे ये भी बताया की बॉस का उसकी बीवी प्रिया के साथ पार्टी ने बहुत बड़ा जगदा हो गया था और बॉस ने सबके सामने प्रिया को बहुत बूरा भला कहा था. और तब मेरी समाज में आया की प्रिया रो क्यों रही थी.

अब तो मेरा हौसला और तरफ गया क्योंकि घर पे जाए और प्रिया अकेले रहते थे और क्योंकि अब जाए घर पे नहीं था 2 दिन के लिए तो मैंने सोच लिया की इस साली को 2 दिन तक जी भर के छोड़ुगा फिर चाहे जो होना हे वो हो.

अब मैंने प्रिया ज़ोर से पकड़ लिया और उसकी सारी का पल्लू पकड़ कर उसकी सारी उसके शरीर से अलग कर दी. फिर मैंने उसके पीछे से ही उसका पेटीकोट उठाया और अपना एक हाथ उसकी चुत पे रख दिया और तभी प्रिया के मुंह से आ की अवाअz निकल गयी. फिर मैंने पीछे से उसका मुंह मेरी तरफ घुमाया और अपनी 2 उंगली उसकी चुत में डाल कर अंदर बाहर करने लगा. पहले तो वो बहुत रेज़िस्ट कर रही थी लेकिन अब उसका रेज़िस्ट थोड़ा कम हो गया था.

फिर मैंने उसका पेटीकोट का नाडा खोल दिया और उसको उतार फेंका और ब्रा के हुक भी खोल कर ब्रा को फेकडी. अब प्रिया सिर्फ़ पेंटी में मेरे सामने खड़ी और वो हाथ जोड़कर मेरे पैरों में गिर गयी तभी मैंने उसे लत मारी तो वो थोड़ी दूर जाकर गिर गयी. में उसके पास गया और अपना पर उसकी पैंटी पर यानि चुत पर रख दिया.

इसी बीत मेरे दिमाग ख्याल आया की इस होटल में चाट पर भी एक रूम हे जो मैंने बुक किया था मेरे और राज के लिए क्योंकि पार्टी के बाद दारू पीके यही सोने का प्लान था और रूम की चाबी भी मेरे पास थी.

फिर मैंने प्रिया को अपनी गोद में उठाया और रूम की तरफ चलने लगा जो की जहां हम खड़े थे उसकी दूसरी तरफ था. मैंने प्रिया के कपड़े भी साथ में ले लिए ताकि कोई निशान ना रहे. मैंने रूम का दरवाजा खोला और प्रिया को बेड पे उत्तर दिया.

अब प्रिया बेड पे थी और वो भी सिर्फ़ पैंटी मैंने प्रिया के कपड़े नीचे रूम पे फीके और जैसे ही में दरवाजा बाँध कर ने के लिए मुड़ा तो प्रिया ने अपने मुंह से मेरा जो रोमल बँधा हुआ था वो उठाए दिया और दरवाजे क्यों और भागने लगी पर मैंने उसे पकड़ के वापिस रूम की और धक्का दे दिया.

मैंने रूम ठीक से बाँध कर दिया और अब प्रिया थोड़ा चीख रही थी पर कोई फायदा नहीं था क्योंकि होटल का रूम साउंड प्रूफ था. अब प्रिया की और मुड़ा जो की दीवाल की और मुंह करके खड़ी थी. में उसके पीछे गया और पीछे से दो पैरों के बीच में से हाथ डाल के उसकी चुत को मसल ने लगा और प्रिया मेरा हाथ अपने चुत से हाथ हटने की कोशिश करने लगी पर मैंने ज़ोर लगा के उसकी चुत ज़ोर से मसलदी और प्रिया के मुंह से ऑच क्यों आवाज़ निकल गयी.

मैंने अब प्रिया के बाल पकड़े और और खिच के उसको बेड पे धक्का दे दिया. अब में अपने कपड़े उतरने लगा और तभी प्रिया मुझसे मिन्नत करने लगी पर मैंने उसे कह दिया की ये सब बेकार है और आज तेरी चुदाई पक्की है. तभी प्रिया उठ कर दरवाजे की और भागी लेकिन दरवाजा लॉक था. मैंने हंसते हुए कहा की मैडम जी इस तरह नंगी कहा जाओगी अरे हां अभी आप नंगी कहा हे एक कपड़ा पहना हुआ है और मैं हँसने लगा और वो वही बैठ कर रोने लगी. मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और उसके पास जाकर मैंने उसके दोनों बूब्स के निप्पल पकड़ लिए और मसल ने लगा और पेया चिल्लाने लगी. मैंने निप्पल मसलते हुए ही उसको खड़ा किया और बेड के पास ले गया और बेड पर धकेल दिया.

अब में प्रिया के उप्पर चढ़ गया और उसके होंठ चूसने लगा तभी प्रिया अपने हाथ पर ज़ोर से चलाने लगी और वो बहुत रेज़िस्ट करने लगी. मैंने अपने पैरों से उसके पर कंट्रोल किया और अपने एक हाथ से उसके दोनों हाथ पकड़ लिए. मैंने अपने एक हाथ उसकी पैंटी थोड़ी सर्काय और फिर दोनों हाथों से पैंटी को पकड़ के उसके शरीर से अलग कर दिया. जैसे जी पैंटी उसके शरीर से अलग हुई तो वो ज़ोर से चिल्लाई और बेड पे उल्टा लेट गयी.

मैंने उसकी गांड पे तापी लगाई और उसके दोनों पर पीछे से थोड़े से चोदे किए और अपना हाथ उसके दो पैरों के बिच में पीछे से डालते हुए उसकी चुत पर रख दिया और फिर अपनी 3 उंगलियां उसकी चुत में डाली और प्रिया के मुंह से चीख निकल गयी और मुझे बहुत मजा आया और उसको कहा मजा आ रहा हे ना इस गंदी नदी के कीड़े की हरकत से.
प्रिया की चुत में मेरी तीनों उंगलियां मैंने पूरी घुसा दी और चुत कर अंदर ही ऊपर नीचे करने लगा. प्रिया बहुत चिल्ला रही थी और उसके चिल्ला ने की वजह से मुझे भी बहुत मजा आ रहा था और मैं अपनी उंगलियां ज़ोर से उसकी चुत मैं ऊपर नीचे करने लगा और वो बेड पर अपने हाथ पर ज़ोर से चलाने लगी और चिल्लाने लगी चोद दो मुझे और प्लीज़ अपनी उंगलियां बाहर निकालो मुझे दर्द हो रहा हे, इट हर्ट्स में.

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अब मैंने अपनी उंगलियां बाहर निकली और प्रिया को सीधा किया. प्रिया अब भी बहुत रेज़िस्ट कर रही थी और अपने पर ज़ोर से चला रही थी. अब मैंने उसके दोनों पर पकड़े और चोदे कर दिए तभी प्रिया ने अपने दोनों हाथ अपनी चुत पर रखे और बोली चोद दो मुझे. मैंने प्रिया से कहा आज तुम्हें मुझे से कोई नहीं बच्चा सकता और हां आज में तुम्हें तुम्हारी क्या औकाड हे वो दिखाऊंगा. मेरा मतलब हे जाए तुको क्या चोदता होगा, में आज तुम्हें दिखाऊंगा की चुदाई क्या होती है.

फिर मैंने प्रिया के हाथ एक झटके से उसकी चुत पर से हटाया और अपना मुंह उसकी चुत में डाल दिया और जीभ से उसकी चुत चाटने लगा. जैसे ही मैंने अपना मुंह उसकी चुत में डाला वो ज़ोर से चिल्ला उठी नहीं…… और रेज़िस्ट करने लगी ज़ोर से पर मैंने उसके हाथ पर कंट्रोल किए और ज़ोर से उसकी चुत का पानी चूसने लगा. मुझे उसकी चुत का पानी चूस के बहुत मजा आ रहा था और अब प्रिया का रेज़िस्ट भी कम हो गया था और वो उः…आ…जैसी आवाज़ निकल रही थी और उसने अपने बाल काश पकड़ लिए थे.अब में प्रिया की चुत करीब 15 मिनट चूसने बाद खड़ा हुआ तो देखा की प्रिया अब बिलकुल रेज़िस्ट नहीं कर रही थी.

मैंने प्रिया से क्या मेडमजी मजा आ रहा है ना तब उसने गुस्से से अपना मुंह दूसरी तरफ कर लिया. अब में आप्बा लंड पकड़ा और उसके मुंह के पास ले गया और उसे चूसने को कहा तो उसपर उसने मना कर तो मैंने कहा ठीक पर जब तक तुम इसे मुंह में नहीं लाओगी तब तक में तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ुगा.

अब मैंने अपना लंड उसके दोनों मम्मो के बीच सत्ता दिया और आगे पीछे करने लगा. उस पर प्रिया के मुंह से ऑच की आवाज़ निकल गयी और अब में निप्पल को चूमते हुए अपना लंड प्रिया की चुत के पास ले आया और हल्के से उसकी चोद पर रख दिया.

मैंने अब प्रिया से कहा चलो मेडमजी अब जन्नत के सफ़र के लिए तैयार हो जाओ और मैंने धीरे से अपने लंड का आगे का भाग उसकी चुत में घुसाया तो वो चीख पड़ी और खड़ी हो गयी. प्रिया की चुत बहुत टाइट थी और लग रहा था की जाए ने उसे ठीक से चोदा नहीं है. वो चीख रही थी पर मैंने अपने लंड का आधे से ज्यासा हिस्सा उसकी चुत में डाल दिया और वो चीख फिर उठ गयी और कहने लगी बाहर निकालो इससे मुझे बहुत दर्द हो रहा हे और तभी मैंने उसके दोनों निप्पल पकड़ के ज़ोर से मस्सल दिए और वो ज़ोर से चिल्लाई प्लीज़ चोद दो मुझे चोद दो और तभी मैंने अपना पूरा लंड एक जोरदार धक्का मारकर पूरा का पूरा उसकी चुत में डाल दिया और तभी रूम में एक जोरदार आवाज़ की चीख सुनाई दी नहीईई,….,……………….

और मैंने अपना लंड उसकी चुत में सेट करते हुए उससेकहा अब बताओ मेरे सामने तुम्हारे पति की औकाड क्या है. वो तो साला तुम्हें ठीक से चोदता भी नहीं वरना त्ंहे इतना दर्द नहीं होता.नामर्द साला. उस पर प्रिया बोली चुप रहो और बाहर निकालो अपना लंड प्लीज़ मुझे बहुत दर्द हो रहा है. तभी मैंने अपने होंठ उसके होंठ पर रख दिए और उसका मुंह बाँध कर दिया और अपना लंड उसकी चुत में अंदर बाहर करके उसको चोदना चालू किया. अब मेररा लंड उसकी चुत पर पूरा सेट हो चुका था और में ज़ोर से उसको चोदने लगा. अब पूरे रूम में ओह…. .आ……….नहीं….. …..जैसी आवाजें गूंजने लगी.

प्रिया की चुत से थोड़ा खून भी निकल रहा था पर मैंने बिना कोई दया दिखाते हुए उसको चोदना चालू रखा और अब प्रिया पूरी तरह से कराह रही थी. मैंने फिर भी उसे चोदना चालू रखा और करीब आधे घंटे तक मैंने उसे बेरेहमी से चोदा.और अब मैंने उसके चुत में से अपना लंड बाहर निकाला तो वो ज़ोर से रोने लगी और अपना पेट पकड़ कर पूरी बंद हो गयी और वो बेड पर उल्टी लेट गे.

अब उसकी गांड मेरे सामने थी और मैंने अपनी एक उंगली उसकी गांड के छेद में डाल कर अंदर ही हिलने लगा और वो फिर ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी……
प्रिया बेड पे उल्टी लेती हुई थी और तभी मैंने उसकी गांड को थपाया और उसके दोनों कूल्हे थोड़े फेलके अपनी एक उंगली उसकी गांड के छेद में घुसा दी और अंदर घुसके ऊपर नीचे करने लगा. प्रिया ने अपने दोनों हाथ पीछे करके बोली चोद दो मुझे प्लीज़ मुझे पीछे दर्द हो रहा हे प्लीज़. मैंने अपनी दूसरी उंगली भी उसके गांड के छेद में घुसादी और वो चिल्लाने लगी और अपने पर ऊपर नीचे करके छूटने की कोशिश करने लगी और उसको चिल्लाते देख मुझे बहुत मजा आने लगा.

मैंने अपनी उंगलियां बाहर निकली ओर प्रिया से कहा ओके मेडमजी में आपको और दर्द नहीं दूँगा और में बेड पर से खड़ा हो गया और वोड्का की बोतल से कुछ शिप पिए और अपनी सिगरते जलाई. प्रिया अब भी बेड पर उल्टी पड़ी रो रही थी.

अब मैंने अपना फोन निकाला और मैंने अपने दोस्त विजय को लगाया और उसको पूछा के पार्टी अभी चल रहूं हे के खत्म हो गयी क्यों की रात के 2 बज चुके थे. उसने मुझे बताया की अभिभि थोड़े लोग है और लग रहा हे की 1 घंटे में खत्म हो जाएगी. मैंने उसे कहा ठीक है और फोन काट दिया.

मैं अब प्रिया के पास आया और उसको कहा की पार्टी 1 घंटे में खत्म होनेवाली है और तुम भी अगर पार्टी खत्म होने से पहले ही यहां से निकल जाओ क्योंकि अगर तुम पार्टी खत्म होने के बाद होटल से निकली तो तुम्हारा वो गाड़ी का ड्राइवर सीधे जाए को फोन कर के इसबारे में बताएगा और जाए को तो तुम जानती ही हो उससे गुस्सा होने के लिए और चिल्लाने के लिए किसी वजह की जरूरत नहीं हे और अगर तुम पार्टी खत्म होने के बाद निकली तो वो तुम्हारा ड्राइवर जाए को न जाने क्या कहेगा और जाए उसका क्या मतलब निकलेगा. वो ड्राइवर बहुत हरंखोर है और जाए का खास आदमी भी गे और बाकी लोग भी तुम पर साख करेंगे क्योंकि तुम पार्टी मैं नहीं थी और तुम बदनाम हो जाओगी. पार्टी में भी तुम 10 बजे के बाद नहीं थी और अब किसने पार्टी के बाद तुन्हे निकलते हुए देख लिया तो वो जरूर तुम पे साख करेगा और क्या पता कोन आदमी जाए को बदनाम करने के लिए और उस से बदला लेने के लिए तुम्हें बदनाम करदे. लेकिन हां अगर तुम मेरा साथ दो और पार्टी खत्म होने से पहले निकलना चाहो तो में तुम्हारी मदद करूंगा और तुमसे वादा करता हूँ तुन्हे बदनाम नहीं होने दूँगा और पार्टी में भी मेरे काफी दोस्त है जो में जेआ बोलू वैसे ही करेंगे. और अगर में चाहू तो कल तुम्हारा इतना बुरा हाल कर सकता हूँ के तू सोच भी नहीं सकती. आज अभी इसी चाट पर तुम्हारा सामूहिक बलात्कार हो सकता है.

और हां अगर तुम जाए को सब सच बताना चाहती हो तो बता सकती हो जिस से मेरी नौकरी जाएगी और थोड़ी तकलीफ होगी लेकिन तुम बर्बाद हो जाओगी और समाज में सर उठा के नहीं जी पाएगी और परिवार की बदनामी होगी वो अलग. ये सब एश और आराम भी चले जा सकते है.

मैनेजर साहिब – Ek Thari Company manager ki kahani – 2

मॅनेजर साहिब – Manager ki real indian sex story (Completed)

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