मेरी मर्ज़ी से चुदाई – Main apani marji se chudi

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मेरा नाम निशा गुप्ता है…मैं हरियाणा के एक छोटे से शहर से हूँ.मैंने इस पर बहुत सी कहानियां पढ़ी है.तो मैंने भी सोचा की अपना एक एक्सपीरियेन्स आप सभी लोगों को बता दम.जो मेरी जिंदगी की भूल कहो या कुछ ओर ,वो आप सभी लोगों को बताने जा रही हूँ मेरी सारी 6 साल पहले 1 अच्छे परिवार में हुई थी.परिवार काफी अच्छा था.जिसमें सास,ससुर,1 देवर ,मेरे पति देव ओर अब मैं रहती थी,मेरे पति का अपना एक अलग से ही कुछ वेस्ट का काम था.

तो उन्होंने 2 रूम अलग से किराए पर ले रखे थे.जिनमें से 1 में तो मैं ओर मेरे पतिदेव रहते थे ओर दूसरे में वो अपना सारा काम से रिलेटेड समान रखते थे. दोनों रूम काफी दूर थे.झड़ हम रहते थे वहाँ बहुत कम लोगों ने ही घर बना रखे थे.

ओके तो अब मैं स्टोरी पर आती हूँ.हुआ यू के मेरी सारी के एक साल बाद मुझे एक लड़का हुआ ओर जब लड़का 1 साल का हुआ तो मेरे पति का आक्सिडेंट हो गया ओर वो चले गया.. उनके जाने के बाद अब उनका सारा काम मुझे देखना था ओर मैंने वैसा ही किया. सब कुछ अच्छा चल रहा था ओर ऐसा करते करते 5 साल गुजर गये.अब सब कुछ ठीक चल रहा था. मैं दिन में गोदाम में रहती ओर रात में अपने घर चली जाती,,, अब वहाँ एक अपना घर था अब एक दिन हमारे गोदाम के पास एक नया परिवार रहने को आया. उनकी फॅमिली काफी अच्छी थी.जान पहचान होते देर ना लगी.उनकी फॅमिली में 1 लड़का 1 लड़की ओर उनके आंटी अंकल थे.उनको मैं अंकल ओर आंटी बुलाती थी.उस लड़के का नाम दीपक था दिखने में काफी अच्छा था ओर कॉलेज स्टूडेंट था.

दीपक पूरी कॉलोनी में किसी से भी बात नहीं करता था.वो अजीब था.उसकी हर बात मुझे अजीब लगती थी.किसी से कुछ ज्यादा मतलब नहीं रखता था.अपने में ही मस्त रहने वाला लड़का था वो.गली की सारी लड़कियां उसपर मारती थी …पता नहीं क्यों.ओके एक दिन मुझे आंटी से कुछ काम था तो मैं उनके घर गयी तो मैंने देखा के उनके घर में कोई नहीं है सिर्फ़ दीपक था वहाँ पर.मुझे कुछ मस्ती सूझी ओर उस से पूछा के तुम किसी से बात क्यों नहीं करते.तुम्हें पता है गली की सारी लड़कियां तुम पे मारती है. मुझे अजीब लगा जब उसने इस बात का भी कुछ जवाब नहीं दिया.फिर क्या था मैं वहाँ से चली आई.

लेकिन एक दिन मैं अपने गोदाम की चाट पर खड़ी हुई थी तो दीपक का रूम वहाँ से दिखता था. मैंने देखा की दीपक अपने रूम से बाहर आया ओर मुझे हाथ से ही किया.मुझे उसकी ये बात बदी अजीब लगी.नेक्स्ट डे भी कुछ ऐसा ही हुआ.मुझे भी अच्छा लगने लगा ओर मैंने भी हाथ से इशारा कर दिया.कुछ दीनों तक ऐसा ही चलता रहा.लेकिन एक दिन जब मैं अपने गोदाम का ताला लगाकर अपने घर जा रही थी तो देखा की दीपक मेरे पीछे आ रहा है.मैं चलती रही मुझे भी अच्छा लग रहा था.लेकिन अपने घर पहुंचने से पहले मैं रुक गयी ओर दीपक का इंतजार करने लगी.मैंने सोचा की आज दीपक से बात कर के ही रहूंगी. दीपक आया ओर मैंने उस से पूछा के जब तुम मुझे इशारे करते हो , अगर उस टाइम तुम्हें कोई देख लेता तो क्या होता.उसने कुछ नहीं कहा ओर वो वहाँ से चला गया.मुझे अजीब लग जब वो बिना कुछ कहे वहाँ से चला गया

नेक्स्ट डे फिर यही हुआ लेकिन इस बार मैंने उसे रोका नहीं.ओर मैं घर पहुंच गयी.मैं अपने रूम में चली गयी .मैं थोड़ी देर के बाद बाहर आई तो मैंने देखा के दीपक अभी खड़ा हुआ है.मैंने कहा जनाब क्या इरादा है मुझे फॉलो क्यों कर रहे हो. तो वो बोला के मुझे तो बस आप से आपका नाम पूछना था. मैंने सोचा के क्या बुद्धू इंसान है यार ये.तो मैंने कहा के जनाब अंदर आओ आराम से बता दूँगी.वो अंदर आया ओर मैंने मैं दरवाजा बंद कर दिया,.जैसे ही मैंने मैं दरवाजा बंद किया तो दीपक ने मुझे अपनी तरफ खींच लिया.

मजे गलत लगा तो मैंने कहा दीपक मुझे छोड दो ये गलत है.अजीब लड़का था .कहते ही छोड दिया ओर अभी चेयर पर बैठ गया.बस फिर क्या था मुझे उसका ये अंदाज अच्छा लगा ओर मुझे जैसे उस से प्यार हो गया हो.मुझे कुछ समाज नहीं आया मैं दीपक के पास गयी ओर उसे किस करने लगी.दीपक तो मानो इस लम्हें का इंतजार कर रहा हो.मैं करीब 6 साल के बाद ये सब करने वाली थी.मुझे अच्छा लगा.फिर धीरे धीरे उसने मेरे ओर अपने सारे कपड़े उतार दिए.मुझे पूरा नंगा करने के बाद मेरे बूब्स पागलों की तरह चूसने लगा.मैं पागल हुई जा रही थी.करीब 1 घंटे तक ये सब चलता रहा,कभी मैं उसके हत्यार को मुंह में लेती ओर कभी वो .फिर उसने अपना लंड निकाला ओर मेरी चुत पर रखा.आगे आप सब जानते है….उस दिन के बाद वो ओर मैं लगभग हर रोज यही काम करते

मेरी मर्जी से चुदाई – Main apani marji se chudi

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