मेरे रंगीले ससुर जी – Rangila Sasur Chudai Ka Dewana – 11

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मेरी कमर मैं था.. वो कोशिश कर रहे थे पर उनका लिंग योनि मैं नहीं जा पा रहा था..

ससुर जी.. “बेटा, थोड़ी मदद कर ना ! अपने हाथ से पकड़ कर सही जगह डाल दे ना !” ये कह कर वो फिर मेरे होंठ चूसने लगे..

अब मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था, मैंने अनखें बंद किए हुए ही नीचे अपने हाथ बढ़ाये तो उनका गरम गरम लिंग मेरे हाथ मैं आ गये, आज पहली बार मैंने उनके लिंग को छुआ था, उनका लिंग एकदम गरम था,ओर बहुत ही मोटा ओर लंबा महसूस हो रहा था..मैंने सोचा “ही भगवान ! मैं इतना लंबा ओर मोटा लिंग कल से 2 बार अपने अंदर ले चुकी हूँ, मुझे बहुत अजीब लगा की मेरी योनि मैं इतना मोटा लिंग कैसे चला गया..”

फिर मैंने उनका लिंग पकड़ कर योनि पर सही जगह टीका दिया, ओर उन्होंने एक हल्का झटका दिया ओर करीब 3 इंच लिंग मेरे अंदर समा गया, मेरी योनि के होंठ फट गये थे, मेरी चीख निकली पर उन्होंने मेरे होठों को अपने होठों से दबा रखा था..

तभी उन्होंने एक ओर झटका दिया ओर उनका पूरा 7” इंच लंबा लिंग मेरे अंदर समा गया, मुझे लगा जैसे मेरी योनि फट जाएगी, उन्होंने कुछ तेज झटका मर दिया था, मेरे अंदर तूफान सा आ गया, उनका पूरा मोटा लिंग मेरे अंदर था, वो हल्के हल्के झटके देने लगे…मेरे मुंह से “आस..आअहह..उफ़फ्फ़.. बस करो..प्ल्स… बाबूजी….अफ..” मेरी सिसकियां निकालने लगी.. मैं कह तो रही थी की बस करो.. पर अपने दोनों हाथों से उन्हें अपनी तरफ कुछ रही थी, ओर उनके हर झटके का अपने नितंबों को आगे पीछे करके जवाब दे रही थी.. उन्होंने रफ्तार बड़ी बड़ा दी थी वो अपना पूरा लिंग मेरी योनि से निकल लेते थे ओर फिर पूरा का पूरा एक साथ झटके से अंदर कर देते थे मुझे लगता था जैसे उनका लिंग मेरा पेट फाड़ देगा आज, पर मुझे इसमें मजा बड़ा आ रहा था, मैं हाफने लगी थी..
ससुर जी “उफ़फ्फ़, बहू,… आ…आ…तेरी चुत तो बड़ी मस्त है राय.. आ..आ..मैं आने वाला हूँ.. बहू..” उनके मुंह से अपने लिए ऐसे गंदे शब्द सुन्न कर मुझे भी गुदगुदी से हो रही थी..

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मैं उन्हें अपने सीने से चिपका लेना चाहती थी… उनके झटके बढ़ते गये ओर एकदम से उन्होंने पानी की धार मेरी योनि में चोर दी.. ओर वो मुझसे चिपक गये.. मैं भी अपने आप को रोक ना स्काई ओर मैंने भी पानी चोर दिया..मैं भी उनसे चिपक गई..उनका लिंग अब भी मेरे अंदर ही था..

हम करीब 10 मिनट.. ऐसे हे पड़े रहे, फिर ससुर जी उत्ते ओर अपने रूम मैं जाते हुए बोले “बहू ! अब नहा कर खाना लगाना” वो मेरे ऊपर से उठे तो मुझे बड़ा हल्का सा लगा, शरीर एकदम टूट गया था…जब वो आए थे तो मैं रोती बनाने की तैयारी कर रही थी.. मैं सीधे बाथरूम मैं गई, ओर शावर चला कर अच्छे से नहाने लगी..

फिर किचन मैं आ कर रोती बनाने लेगी..पर मैं नंगी ही थी, क्योंकि मुझे पता था की ससुर जी मुझे कुछ पहनने नहीं देंगे, वो बहुत जिद्दी हैं..तब तक करीब 09:30 बज चुके थे.

ससुर जी ड्रॉयिंग रूम मैं थे, मैंने उनका ओर अपना खाना लगाया ओर ड्रॉयिंग रूम मैं आ गई..

ससुर जी “आ जा बहू ! लगा दे खाना, बहुत तक गया हूँ, जल्दी सोना चाहता हूँ..”

मैंने अपनी नज़रे उनसे नहीं मिलाई ओर खाना लगा दिया, हम दोनों ने खाना ख्याल ओर फिर मैं अपने रूम मैं आ गई..
पूरा शरीर दुख रहा था, आज तो उन्होंने मेरे साथ 2 बार किया था, मुझे लग रहा था की जैसे मेरे अंदर से कुछ निकल गया है, मैं अपने बेड पर आई ओर गिर पड़ी, मैं इस टाइम भी एकदम नंगी थी, मुझे पता नहीं चला कब आँख लग गई, ओर जब मोबाइल का अलार्म सुबह बजा तब ही आँख खुली…

जल्दी से बाथरूम मैं नहाकर ससुर जी के लिए नाश्ता बनाने किचन मैं गई, तब ससुर जी की पूजा करने की आवाज़ आ रही थी, मैंने जल्दी जल्दी सारा काम….

मेरे रंगीले ससुर जी - Rangila Sasur Chudai Ka Dewana

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