मेरी सेक्सी सिस्टर्स कजिन बहनों से रास लीला – Part – 126

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हूँ उससे… और मैं यह भी जानती हूँ के आप इस नाम की उम्मीद नहीं कर रहे थे इन सब के पीछे….

मैं:- पूजा, उम्मीद क्या, मैंने ख्वाबों में भी नहीं सोचा था के वो…

पूजा:- मैं जानती हूँ सन्नी.. आप पे इस वक्त जो बीत रही है.. पर यही सच है

काफी देर तक, रूम में खामोशी चाय रही… पूजा के आँसू भी अब सुख चुके थे.. काफी कोशिशों के बाद मैंने पूजा के कहना स्वीकार लिया

“ठीक है पूजा… मैं मान लेता हूँ, पर अभी हमें काफी सावधान रहना है… तुम नहाने जाओ, फ्रेश हो जाओ… तब तक मैं कुछ खाने का आर्डर
देता हूँ…” मैंने पूजा के सर पे हाथ घूमते हुए कहा…

कुछ सेकेंड्स में पूजा बाथरूम में घुस गयी.. उसके जाते ही, मैंने मेरे मोबाइल में देखा तो इंटरनॅशनल रोमिंग आक्टीवेट हो चुका था…
मैंने तुरंत कॉल मिलाया…

“हेलो…”

“ही डॉग… बोलो, रीच्ड युवर हनीमून होटल”

“फर्गेट इट… ई वॉंट तो मीट यू नाउ…” मैंने सामने वाले शॅक्स को कहा

“शुरू… मैं तुम्हारी होटल के रिसेप्षन पे ही हूँ”

मैंने तुरंत फोन कट करके नीचे की ओर प्रस्थान किया.. निकालने से पहले चेक किया पूजा बाथरूम में नहा ही रही थी.. मैंने धीरे से रूम
लॉक करके, सीढ़ियों की तरफ तेजी से बढ़ते हुए रिसेप्षन के पास पहुँचा.. रिसेप्षन के तरफ बढ़ते ही

“हेलो मिस्टर वीरानी…”

“जो बात मुझे अभी पता चली है, मुझे उम्मीद नहीं थी इतनी जल्दी हमें पता चल पाएगी” मैंने लॉबी में चेयर पे बैठते हुए कहा

“क्या पता लगा आपको…”

“सुनाने से पहले अपने लिए कुछ मंगवा लो, तुम्हें यह बात सुनकर बहुत बड़ा सदमा ना पहुँचे….” मैंने सामने शॅक्स की आंखों में देखते हुए
कहा..

“स्टॉप बीटिंग अराउंड थे बुश प्लीज़…. जो भी बात बोलनी है सीधे सीधे कहो ना, यूँ घुमा क्यों रहे हो” चिथड़े हुए मुझे जवाब मिला

काफी लंबे पॉज़ के बाद मैंने उसे सब बता दिया जो मैं पूजा से सुनकर आ रहा था….

“वॉट नों-सेन्स… ऐसा हो ही नहीं सकता कभी..” सामने से गुस्से में मुझे जवाब मिला

“क्यों नहीं हो सकता ऐसा… क्या सिर्फ़ इसलिए क्यों की उस शॅक्स का नाम माया देवी है…. क्या सिर्फ़ इसलिए यह सब नहीं हो सकता, क्यों की माया तुम्हारी
मां का नाम है..” मैंने अपनी आवाज़ ऊंची करते हुए कहा…

“तमीज से बात करो भाई… मेरी आंटी को इन सब में इन्वॉल्व करने से पहले आपके पास कोई सबूत है इन सब का” ज्योति आग बाबूला होने लगी थी…

इससे पहले के मैं कुछ बोलता, ज्योति फिर बोली

” अगर मेरी आंटी इन्वॉल्व होती तो मैं आप का इन सब में साथ ही क्यों देती… और उसके पास कोई सबूत है के इसमें मेरी आंटी इन्वॉल्व्ड है” ज्योति ने
दोबारा इस बात पे दबाव डाला….

“सबूत तो तेरे पास भी नहीं है ज्योति के माया बुआ इन सब में इन्वॉल्व्ड नहीं है… और भला पूजा बुआ के नाम से झूठ क्यों बोलेगी..” मैंने
हैरानी से पूछा

ज्योति:- वही तो बोल रही हूँ भाई, आप को अब वो दो टक्के की लड़की ज्यादा सही लगने लगी है.. आपकी यह बहन अब तो किसी कीमत की नहीं है ना,
उसके साथ और उसकी आंटी के साथ रंगरलियाँ जो मना चुके हो…

“जबान संभाल के बात कर ज्योति.. पूजा के बारे में मैं अब कुछ सुन नहीं सकता, बेहतर होगा तू भी यह बात का ध्यान रखे…” हमारी बातें
अब आस पास के लोग सुनाने लगे थे

“वो भाई वो… क्या बात हाँ… मुझसे ज्यादा प्यार उसपर आ रहा है हाँ.. यही तो जादू है लड़कियों की टाँगों के बीच में, जिसे चाहे उसे अपना
गुलाम बना सकती हैं… और चिल्ला के बात करो मुझसे.. और कहाँ है आपकी वो पूजा रांड़ कहीं की.. उसे अपने साथ नहीं लाए, वो भी देख
लेती ना आपके इस प्यार को… यहीं शादी करवा देते हैं आपकी… यहीं सुहाग रात मनाओ..” ज्योति की आवाज़ मुझसे ज्यादा ऊंची और तीखी होने लगी
थी…

“देख ज्योति… अगर इन सब में कहीं माया बुआ इणवओवेड है तो मुझे बता दे… अगर पूजा की बात में ज़रा सी भी सचाई निकली, तो तू मुझे अच्छी
तरह जानती है..” मैंने ज्योति को धमकाते हुए कहा…

ज्योति:- यह धमकी आप किसी और को देना भाई.. अगर आपके पास कुछ सबूत आए के इन सब में मेरी आंटी शामिल है, तो मैं बिलकुल भी पीछे नहीं
हटूँगी… लेकिन अगर इस बात में कुछ भी सच नहीं निकला, तो आपको तो मैं बाद में देख लूँगी, उससे पहले आपकी प्यारी पूजा के मैंने दो टुकड़े
नहीं किया, तो मेरा नाम भी ज्योति मेहता नहीं..

हमारी इस बहस के बाद ज्योति वहाँ से निकल गयी और जाते जाते उसने मुझे यह भी बोल दिया के वो वापस इंडिया जा रही है, यहाँ अब वो कुछ नहीं
कर सकती..

ज्योति के जाने के बाद कुछ देर मैं वहीं बैठा रहा… सोचने लगा जो मुझे पूजा ने बताया….

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