ट्रेन के झटके और मस्त चुदाई

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ट्रेन के झटके और मस्त चुदाई

मैं 20 साल की हूँ.मैं बहुत सी स्टोरी इसमें पढ़ी है. मैं भी एक सक्चाई बताने वाली हूँ. यह मेरी एक ट्रेन के सफ़र की बात है. एक बार, लास्ट एअर, मैं अपने फॅमिली के साथ दिल्ली सारी में गये.मेरे पेरेंट्स शादी खत्म होते ही आ गयी, लेकिन में और मेरी बहन , पूनम, जो की 15 साल की थी रुक गये आपने चहहा के साथ आने के लिए, जो हमारे घर के पास रहते थे.

लेकिन 2 दिन बाद चाचा का कोई एमर्जेन्सी मीटिंग आ गया , और हूँ मुंबई चले गये. तब हम लोगों को हमारे एक रिश्तेदार के साथ आना पड़ा(पर हूँ नहीं आना चाहता था).हूँ स्टेशन पर गया, और हम लोगों को ट्रेन में बैठने के बाद देखा की ट्रेन में दो और फॅमिली हैं. तो हूँ बोला की, यह लोग तो हैं, तुम लोग आराम से कल घर पहुंच जाओगी. ट्रेन रात को 10 बजे चल दी. उस बूगी में, में और मेरी बहन थे और दो फॅमिली थे. 11 बजे हमारे सामने वाले फॅमिली उतार गये(हमारे रिश्तेदार ने नहीं पूछा था की हूँ कहाँ उतरेंगे), और दो लड़के वहान आ गयी.

थोड़ी देर बाद 4 और लड़के उस केबिन में आ गये( जो की उस लदे के दोस्त थे और किसी और केबिन में थे). हूँ सब लड़के चले गाएँ कहीं. थोड़े देर बाद, हूँ सब लड़के आए, और दो लड़के हम दोनों बहनों के बगल में बेहत गये.एक ने कहाँ , यार राजेश तेरी केबिन में तो रौनक ही रौनक है. हम चुप थे(क्योंकि हमें डर लग रहा था).हूँ बाला, क्यों बाबी , कहाँ जाना है.मैं कुछ नहीं बोली.आरे यह तो गूंगी है.चलो अच्छा है , जब छोड़ेंगे तो चिल्लगे नहीं. मैं बोली : जबान संभाल के बात करो. एक लड़का बोला:

हूँ तो तुम बोलती हो. चलो तुमने सुन लिया तो अच्छा है.सब हँसने लगे.मैं बाहर बगल वाले फॅमिली को बुलाने गयी, लेकिन वहां कोई नहीं था.में वापस आए तो देखा की एक लड़का पूनम की बूब्स को मसल रहा है और दूसरा उसके टाइट को सहला रहा है. पूनम कुछ नहीं बोल रही है(हूँ डर गयी थी). मैंने उन लोगों को दखखा दे के हटाया. तो दो लड़के मेरे पास आए और बोले, रानी हमारे लंड को प्यास लगी है , अगर तुम हमारे कहना मान लो तो अच्छा है, नहीं तो हम तुम्हें और तुम्हारे बहन को चोद देंगे और फिर बुर् को फाड़ भी देंगे, इस चाकू से(चाकू दिखाते हुए). मैं डर गये. मैंने कहाँ ठीक हैं, लेकिन तुम लोग मेरी बहन को कुछ नहीं करोगे. उसने कहा ठीक हैं.

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हूँ लोग मुझे दूसरे केबिन में ले गये , 2 लड़के मेरी बहन के पास बेहत गये, जिससे में काबू में रहो. फिर मुझे व्हीस्खी के पेग पिलाया. मेरे कपड़े उतरके मुझे पूरा नंगा कर दिया. उन लोगों ने सब दरवाजे और खिड़के भी बाँध कर दिया, जिससे कोई अंदर नहीं आ सके. फिर मुझे ज़मीन पे लेता नेकेड लेता दिया. फिर एक लड़का मेरे सर के पास आया और अपना लंड निकल के मेरे मुंह में डाल दिया में उसे चूसने लगी,और दूसरा अपना फिंगर मेरे चुत में घुसा रहा था. मैं एक वर्जिन थी, सो मुझे इस के आदत नहीं थी, पर मुझे अच्छा भी लग रहा था. मेरे मुंह वाले लंड ने कम किया और यू लोगों के कहे मैंने सब पी लिया.

अब एक लड़का मेरे उप्पर लेट गया(नेकेड) और मुझे चूमने लगा. फिर उसने मेरे चुत में अपना लंड घुसा दिया. में मुंह सी चीख निकल गये, उुउऊहह……हह आंटी , मैं बोली, प्लीज़ धीरे घुसाए, हूँ बोला चुप रंडी, मेरे जैसा मान करेगा मैं वैसे घुसैओंगा.हूँ मुझे चोदता रहा थोड़ी देर बाद हूँ चला गया , और फिर दूसरा आया.ऐसे उन 6 लड़कों ने मुझे बड़ी बड़ी से चोदा.ट्रेन के जर्किंग के कारण मुझे उनके प्रेशर कुछ ज्यादा ही लग रहे थे. और फिर मुझे अपना लंड चूसाया. फिर उन लोगों ने मुझे बर्थ पे उल्टा लेटाया और मेरे गान्ड भी मारा. रात भर मुझे करीब 20 बार चोदा गया और उठने ही बार गान्ड भी मारी गये.

सुबह 6 बजे हूँ चले गये, पर मेरे चुत और गान्ड में अभी भी दर्द हो रहा था. मैं उठे और कपड़े पहन के अपने केबिन में गये. वहान मैंने देखा की पूनम नेकेड लेती हुई है. मैंने पूछा तो उसने बताया की उन 6 लड़कों ने उसे भी रात भर चोदा. उसकी कहानी मैं आपको बाद में बताऊंगी.

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