पठान ने बदहाल किया

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पठान ने बदहाल किया

फ्रेंड्स, कैसे हो आप सब आज मैं हाज़िर हुई हूँ आज एक नयी कहानी का साथ उम्मीद है आपने मेरी पिछली कहानियाँ पढ़ कर खूब एंजाय कर रहे होगे, तो आज मैं आपके पास जो कहानी ले कर हाज़िर हुई हूँ वो भी मुझ पर ही है जो बिलकुल रियल है रियल का मतलब ये की स्टोरी तो सच ही होती है लेकिन आप को एंटरटेन करने का लिया थोड़ा एक्सट्रा लिख जाती हूँ मेरी बारे में तो आप जानते ही होंगे, मैं एक 25 साल की क्रॉस-ड्रेसर हूँ ओर मेरा फिगर हां 32,30,38 है, अब कहानी पर आती हूँ एक दिन मैं किसी काम से बस से कही जा रही थी और बस में बहुत भीड़ थी तो मैं पीछे ही एक सीट के पास खड़ी हो गयी, उस दिन मैंने लूज़ ट्राउज़र ओर स्लीवलेशस टी-शर्ट वाइट कलर की ओर पर्पल ब्रा पहनी हुई थी और मैं बस में खड़ी थी के बस एक स्टॉप पर आगे जा कर रुकी ओर एक आदमी मेरे पीछे आकर खड़ा हो गया और देखने में वो 45-50 साल तक का लग रहा था, सलवार कमीज़ में था ओर फिर बस चल पड़ी तो वो बार-बार मुझे बहाने-बहाने से टच कर रहा था.

लेकिन मैंने उसी कुछ नहीं कहा ओर खड़ी रही और अब मुझे उसका लंड अपनी गान्ड पर फील होने लगा और मैंने पीछे मूंड़ कर देखा तो वो स्माइल करने लगा, तो मैंने फिर अपना मुंह आगे कर लिया ओर देखा तो सब लोग आगे देख रहे थे ओर किसी का दहन पीछे नहीं था तो मैं भी एंजाय के मूंड़ में आ गयी ओर आगे पीछे होने लगी, फिर उसने हाथ आगे बढ़ा कर मेरा लेफ्ट बूब पकड़ लिया ओर दबाने लगा ओर मैंने हाथ पीछे ले जा कर उसका लंड पकड़ लिया, उसका लंड हाथ में फील हुआ तो मेरी आँखों में चमक आ गयी कम से कम 9 इंच का मोटा सरिया था गरम लावे की तरह फूली हीटेड मगर व्क बात जो आज तक किसी लंड में मैंने नहीं देखी थी, ऊपर की तरफ मुड़ा हुआ था जैसे बनना होता है और फिर कुच्छ देर ऐसे ही चलता रहा ओर स्टॉप आ गया ओर काफी लोग नीचे उतरे ओर हमारे सामने राइट साइड वाली लास्ट 2 सीट्स खाली हो गयी ओर मैं वहां जा कर बैठ गयी, तो वो भी मेरे पीछे आ गया ओर वहां आ कर बैठ गया.

फिर बस चल पड़ी ओर वो मेरी जांघों के पास मुझे सहलाने लगा ओर फिर मुझ से पोच्छा के तुम कहा जा रही हो जानेमन, तो मुझे उसका बोलने के स्टाइल से पता चला का वो एक पठान है तो मैंने उसे कहा के एक दोस्त के घर जा रहा हूँ, फिर वो बोला के हमारे साथ चलो हमारे घर हम भी तो तुंर्े दोस्त जैसे ही है तो मैंने कहा के मुझे जरूरी काम है और फिर कभी आऊंगी तो वो मुझे फोर्स करने लगा तो मैंने बड़ी मुश्किल से उसे मनाया इस शर्त पर की मैं उसकी मूठ मरूं ओर फिर मैंने उसकी मूठ मारी ओर उसके लंड से ऐसे फुवरा निकला जैसे पानी का न्यूल च्लने पर निकलता है, और मेरा सारा हाथ भर गया और फिर मैंने अपनी शर्ट ओर त्रोसेर से हाथ साफ किए ओर तब जा कर वो नॉर्मल हुआ और मेरे स्टॉप में अभी आधा घंटा पड़ा था, तो वो मेरे बारे में पोछने लगा तो मैंने बताया के मैं यहां एक फ्लैट में रहती हूँ स्टडी के लिया आई हूँ, तो वो खुश हो गया ओर झगा पोछने लगा.

तो मैंने उसे सब समझाया और फिर जब उसके बारे में पोछा तो उसने बताया का वो अफ़ग़ानिस्तान से आया है ओर यहां अकेला ही है ओर काम करता है, वो वैसे तो 45 से 50 साल के दरमियान था लेकिन उसकी बॉडी ओर स्टॅमिना देख कर लगता था का 25 का है और फिर उसने मुझसे ज़बरदस्ती मेरा मोबाइल नंबर लिया ओर मिस कॉल मर कर चेक किया के मैंने सही नंबर दिया है के नहीं, फिर वो मेरी तारीफ करने लगा के तुम बहुत चीकना माल हो एक दफा मजा दिलवा दे जानेमन और वो बार-बार मुझे जानेमन खे रहा था, तो मुझे बहुत अच्छा लगा और फिर मैंने उसे कहा के जब मैं फ्री हुई तो तुम्हें कॉल करूँगी तो तुम आ जाना, तो उसने कहा ठीक हाँ तो मैंने उसे कहा के अगर मेरी जवानी चकनी है तो मुझे पैसे देने पड़ेंगे तो दोस्तों यकीन करो वो इतना पागल हो गया था के उसने फौरन 2 हज़ार निकले ओर अपने हाथ से मेरे राइट वाले बूब में ब्रा का अंदर डाल दिए ओर कहने लगा तुंर्े लिया तो हम जान भी दे-दे पैसे क्या चीज़ है.

फिर मेरा स्टॉप आ गया और मैंने उसे स्माइल पास की ओर स्टॉप पर उतार गयी ओर दो हज़ार निकले ओर पर्स में डाल लिया, फिर मार्केट गयी ओर उन पासीओं में अच्छी सी नाइटी खरीदी जाली डर गोल्डन कलर की ओर घर वापिस आ गयी और घर आ कर नाइटी चेक की तो मैं उसमें बिलकुल पॉर्न स्टार लग रही थी ओर फिर मुझे उस पठान का ख्याल आया, फिर उसका लंड दिमाग में आया ओर सोचते-सोचते सो गयी सुबह जब उठी तो देखा उस पठान की 5 मिस्डेड कॉल्स थी तो मैंने इग्नोर किया ओर नाश्ता कर के त.भी देखने लगी ओर फिर उस पठान का दोबारा फोन आया, तो मैंने पिक किया और वो बोला कैसी हो मेरी जान्यमन तो मैंने कहा ठीक हूँ तो वो खाने लगा हम को तुमसे मिलना है तो मैंने कहा के अभी नहीं मिल सकती मैं कॉलेज में हूँ तो उसने कहा के ठीक है फिर मुझे बताओ कब मिलेगी, तो मैंने कहा के जब मैं फ्री हुई तो तुम्हें कॉल करूँगी ओर बताऊंगी के कब मिलना है तो वो मान गया ओर मैंने फोन रख दिया.

और सोचने लगी के ये तो पीछे ही पड़ गया है ओर सोचने लगी के ये तो 2 हज़ार के पीछे मेरी गान्ड ही फाड़ देगा अपने 9 इंच के सरिय से ओर फिर सोचा का क्यों ना ट्राइ किया जाए इसको ओर मैं प्लॅनिंग करने लगी के कब बोलौं और फिर मैंने डीसीदे किया के रात के टाइम में बोलौंगी जब बाहर कोई नहीं होता दिन में कोई देख ना ले ओर मैं वॉशरूम गयी ओर अपने सारे हेयर रिमूव किया ओर अच्छे सा बात लिया ओर फिर तैयार हो गयी मैंने रेडिश ब्रा ओर पैंटी पहनी ओर उप्पर नयी वाली गोल्डन नाइटी ओर शीशे में देखने लगी, मैं उस नाइटी में कोई पड़ी लग रही थी और फिर मैंने बाल सेट किए ओर लाइट सा मेकप किया ओर लाइट पिंक लिपस्टिक लगी ओर फिर उस मजनू को कॉल की ओर उसे आने के लिया कहा, तो उसने कहा के मैं अभी वहां नहीं आ सकता ऐसा करो तुम यही पास में मेरा फ्लैट है वहां आ जाओ, तो मैं सोच में पड़ गयी के अब क्या करूँ और फिर मैंने उसे कहा के अगर मैं तुम्हारे पास आई तो तुम मुझे 5 हज़ार दोगे.

तो उसने कहा ठीक है दूँगा तुम आ जाओ तो मैंने उससे अड्रेस लिया ओर 25 मिनट में उसके फ्लैट पर पोंछ गयी, उसके फ्लैट में वो अकेला ही था ओर मुझे अंदर बुलाया ओर अपने बिस्तर पर ले गया ओर मुझे कोल्ड ड्रिंक पिलाई ओर फिर वो एक सिग्रत निकल कर उसका टोबॅको निकालने लगा, मैंने पोछा के ये क्या कर रहे हो तो वो कहने लगा के जानेमन तुम्हारे लिए तैयारी कर रहा हूँ चरस का सिग्रत बना रहा हूँ, तुमने आफ़गनी चरस का तो सुना ही होगा तो मेरे ज़हेन में एक दोस्त की बात आई के चरस पी कर आप किसी को घंटों चोद सकते हो तो मुझे अपनी मौत नज़र आने लगी ओर फिर 2 मिनट में उसने वो सिगरेट बनाई ओर जला ली ओर पीने लगा ओर मुझे भी पिलाने लगा मैंने मुश्किल से 4 काज़ लिया ओर फिर उसने वो सारी पी, उसकी ओर मेरी आंखें लाल हो गयी थी और दस मिनट में ही ओर मैं अपने होश खोने लगी और फिर वो उठा ओर लाइट ऑफ करके छोटी लाइट ऑन करदी ओर मेरे पास आकर अपने सारे कपड़े उतार कर नंगा हो गया ओर मेरी नाइटी किचने लगा.

मैंने जल्दी से खुद ही उतार दी ताकि वो उसे फाड़ ना दे ओर फिर वो मेरे जिस्म से खेलने लगा और चूसने लगा, फिर काटने लगा और फिर आहिस्ता-आहिस्ता उसने मेरी ब्रा ओर पैंटी भी उतार दी ओर वो मेरे बूब्स चूसने लगा ओर मेरे निप्पल काटने लगा ओर मैं उसके हर बातें का साथ पागल ओर मदहोश होती जा रही थी, नशे के कारण मेरी आवाज़ भी दब गयी ओर उसको मेरी कोई परवाह नहीं थी वो बस मेरे जिस्म में गुम था ओर फिर उसने अपना लंड मेरे मुंह में ज़बरदस्ती दे दिया ओर पागलों की तरह आगे पीछे करने लगा, मेरी तो सांसें ही रुख गयी थी ओर फिर बड़ी मुश्किल से उसने आख़िर कार अपना लंड मेरे मुंह से निकाला, वो नशे में इतना पागल हो गया था के मां अगर किसी बात से या कुछ करने से उसे रोकती तो वो मुझे ऐसे मरता झाँसे मैं उसकी दुश्मन हूँ, तो मैं मर के डर से बिलकुल चुप हो गयी ओर वो मेरे निपल्स को बुरी तरह से काट रहा था ओर मैं पागलों की तरह छिलाती रही ओर दर्द में बिलबलटी रही पर उसे मेरी कोई परवाह नहीं थी.

मेरी आँखों से आँसू निकल रहे थे ओर मुंह से चीखें ओर तकरीबन एक घंटे बाद जा कर उसका ध्यान मेरी गान्ड पर आया ओर फिर वो मेरी गान्ड को काटने लगा ओर चूमने लगा, मुझे लगा के अब मेरी जान चुत गयी है लेकिन मुझे क्या पता था के अभी तो शुरूवात थी, असली दर्द तो अभी बाकी है और उस दिन मुझे अहसास हुआ के काला कितना जालिम हो सकता है और अगर आप इसे खाने की बजाए अंदर डालो, उसने मेरी गान्ड के सुराख पर अपना लंड रखा ओर फिर मुझ से थूक अपने लंड ओर मेरे सुराख पर ठुका ओर अपना लंड अंदर डालने लगा और आधा लंड तो उसका आसानी से अंदर चला गया ओर मुझे मजा भी आया, लेकिन उसके बाद जब उसने डोबरा धक्का मारा ओर पूरा लंड मेरी गान्ड में उतरा तो मैं दर्द के मारे बेहोश हो गयी, मुझे इतना दर्द हुआ के मैं बर्दाश्त ही नहीं कर पाई ओर बेहोश हो गयी लेकिन वो फिर भी मुझे चोदता रहा ओर मैं जब आहिस्ता-आहिस्ता होश में आने लगी तो हर ढके के साथ मैं चिल्ला रही थी.

उसका आधा लंड तो मेरी गान्ड में बारे आराम से जाता ओर जब उसके बाद का हिसा जाता तो वो अंदर जा कर मूंड़ जाता ओर मेरी गान्ड एक दम से मेरी कलाई जितनी चियर जाती ओर खुल जाती ओर वो दर्द मेरी बर्दाश्त के बाहर था, मैं उसके आगे गिदगाड़ा रही थी और माफी माँग रही थी चीख रही थी रो रही थी पर वो हरामी नशे में धूत था ओर बस लगा हुआ था, अंदर बाहर अंदर बाहर ओर ऐसे करते-करते मैं फिर बेहोश हो गयी, जब होश आया तो देखा के सुबह का 5 बज रहे थे और वो मेरे साथ सोया हुआ था ओर मैं हिल भी नहीं पा रही थी गान्ड पर हाथ लगा तो हाथ खून से लाल हो गया और मेरा पूरा फेस एक दम चिप्सीपा ओर सारा मुंह नाक आँख खुल नहीं रही थी, झाँसे किसी ने सिलिकन डाल दिया हो और फिर मैंने सोचा का शायद इसने मेरे मुंह पर अपना सारा माल निकाला होगा और उसका माल अभी भी स्मेल मर रहा था मेरे पूरे शरीर पर पता नहीं कितना पानी था.

मैं फिर कैसे भी करके उठी ओर वॉशरूम गयी और वहां शीशे में अपने आप को देखा मेरे निपल्स सूजे हुए थे और हर जगा काटने के निशान थे, मेरा सारा जिस्म उसके माल से चिपचिपा ओर जब मैंने अपनी गान्ड शीशे में देखी तो मुझे यकीन ही नहीं आया ये मेरी गान्ड है, उसने मुझे सारी रात इतना छोटा का मेरी गान्ड सूज कर 44 की लग रही थी ओर मेरा सुराख इतना सूज गया था के साफ नज़र आ रहा था मैं नहा कर गरम पानी से फ्रेश हुई और अपने कपड़े पहने, उसके कपड़ों से पैसे निकालने गयी तो देखा हज़ार-हज़ार के 40 नोट थे तो मैंने सब निकल लिए गुस्से में ओर वहां से झाँसे तेसे कर के घर पोंछी, रिक्शे से सारे रास्ते वो रिक्शे वाला मुझे घोरता आया ओर जब घर आया तो मैंने उसे कहा के भाई ज़रा मुझे ऊपर तक चदॉद दोगे मेरे पैर में मोच है, तो उसने हाँ की ओर मुझे सहारा दिया आर जब सीढ़ियाँ चढ़ रहे थे तो उसने मेरे बूब्स पर काटने के निशान देख लिए थे ओर उप्पर जाते वक्त जब उसने कमर पर हाथ रखा तो मेरी चीख निकल गयी.

तो उसे यकीन हो गया के मैं बहुत बुरी तरह चुदाया कर आ रही हूँ, फिर जब हम उप्पर मेरे रूम में आए तो मैंने उसे व्क हज़ार का नोट दिया तो उसने कहा का खुले नहीं है तो मैंने कहा के रख लो तो वो खुश हो गया ओर मुझे अपना नंबर दे गया के जब ऑटो चाहिए हो तो मुझे कॉल कर देना दस मिनट में हाज़िर हो जाऊंगा |

5 COMMENTS

  1. hi kahani to bahut achhi likhate ho.Magar aik baat me samajh me nahi aa rahi ki kahi viagra ya sikender-e-azam capsule khake to nahi bhida ke itni der me jhda

  2. bahut hi achhi kahani he is kahani ko padhkar bahut hi achha laga sikender-e-azam plus capsule khakar ja raha hu me apni gf ki choot lene ok

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