अंधेरा कायम रहे – थ्रिल्लर हॉरर स्टोरी -99

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लगा. फिर रोहन भी उसी दिशा में देखने लगा की तभी वो भी एक दम से शॉक्ड हो गया क्योंकि उसने श्रुति को अपने बाप विजय के साथ देख लिया था. लेकिन फिर वो कुछ सोचने लगा. उसको सोच में देखकर परवेज़ ने कहा.
“आबे क्या सोच रहा है. देख वो कितनी बेक़रार है वो भी तेरे साथ जाने के लिए आई है. चल जल्दी से उसे बुलाले इससे पहले की ट्रेन चुत जाए.” कहने के साथ ही परवेज़ अपनी जगह से उठ गया और चलने लगा की तभी रोहन उसका पकड़ कर कहने लगा.
“नहीं परवेज़ रहने दे. यह ठीक नहीं होगा. अगर वो मेरे साथ आएगी तो बड़ी मुश्किल हो जाएगी. कैसे वो मेरे साथ जिंदगी गुजार पाएगी.” रोहन ने कहा.
“इसका फैसला करने वाला तू कौन होता है. जब उसे कोई फर्क नहीं पढ़ता तो तू क्यों इतना सोच रहा है?” परवेज़ ने कहा.
“अरे यार तू बात को समझना…….वो अभी नादान है नहीं समझती है इन बातों को….” रोहन, परवेज़ को आँख दिखाते हुए कहा.
“मेरे हिसाब से तू नहीं समझता उसके जज़्बातों को. तू यही बैठा रही में जा रहा हूँ उसे लेने के लिए.” कहने के बाद परवेज़ अपना हाथ च्छूदते हुए ट्रेन के बाहर निकल गया. और फिर श्रुति की तरफ हाथ दिखाने लगा.
“श्रुति बाभ…..ओह सॉरी…श्रुति जी……इधर इधर…..” फिर श्रुति ने भी देख लिया था परवेज़ को और वो उसके पास जाने लगी.
“मुझे पता था की तुम जरूर आओगी.” परवेज़, श्रुति को देखता हुआ बोला
“रोहन कहा है परवेज़ भाई??” श्रुति एक दम रोहँसी और घबराई हुई सी थी.
“वो अंदर ही बैठा है. वो नहीं चाहता है की तुम उसके साथ चलो क्योंकि वो समझता है की तुम उसके साथ गरीबी की जिंदगी नहीं गुजार पाएगी.”
“मुझे उसके पास ले चलो” श्रुति ने कहा.
“तुम चलो में तुम्हारे लिए टिकट का बँदबस्त करके अभी आता हूँ.” कहते हुए विजय टिकट रिज़र्वेशन काउंटर की और जाने लगा.
फिर परवेज़, श्रुति को उधर ले जाता है जहाँ रोहन बैठा हुआ था. श्रुति, रोहन को देखते ही उसके गले लग जाती है.
“मुझे अपने साथ लिए बगैर जा रहे थे. क्यों रोहन??”
“श्रुति समझा करो. में तुम्हारी भलाई के लिए यह सब कर रहा था.”
“मेरी भलाई सिर्फ़ तुम्हारे साथ जिंदगी गुज़ारने में है रोहन. में तुम्हारे बगैर जिंदगी गुज़ारने के बारे में सोच भी नहीं सकती.”
“देखो श्रुति नादान मत बनो. तुम्हें इस तरह की जिंदगी जीने की आदत नहीं है. तुम अगर मेरे साथ रहोगी तो हर वक्त तक़लीफो का सामना करने पड़ेगा तुम्हें.”
“रोहन!! जिस जंगल से हम मौत के मुंह से बच कर निकले है ना अगर तुम मुझे वापस उसी जगह जाकर रहने के लिए कहोगे तो में वहां भी रहने के लिए तैयार हूँ. तो फिर तुम्हारे घर रहने में मुझे क्या प्राब्लम होगी.बस शर्त यह है की तुम मेरे साथ रहो. और वैसे भी मैंने तुमसे प्यार किया है और जो प्यार करते है वह यह नहीं देखते की उन्हें कहा रहना है और कहा नहीं. वह जिस हाल में रहते है उसी हाल में खुश रहते है.” अब रोहन के पास कहने के लिए कुछ भी नहीं बच्चा था क्योंकि श्रुति ने अपनी बातों से उसे कायल कर लिया था.
“ठीक है श्रुति अगर तुम्हें कोई प्राब्लम नहीं है तो मुझे भी कोई प्राब्लम नहीं है.”
“सच!! ओह रोहन ई लव यू!!! कहने के साथ ही श्रुति, रोहन के गालों को किस करने लगी.
“अरे श्रुति यह क्या कर रही हो?”
“ओह सॉरी!!” फिर श्रुति नज़रे झुका कर यहां वहां देखने लगी की सबकी नज़रे उन्हीं दोनों पर थी. इतने लोगों की नज़रे अपने ऊपर देख कर वो थोड़ा शर्मा गयी. रोहन ने भी यह देख लिया था और उसकी झेंप मिटाने के लिए वो श्रुति का हाथ पकड़ कर अपने पास बिता लिया और कहना लगा.
“वो तो सब ठीक है श्रुति. लेकिन तुम्हें और प्रॉब्लम्स भी से गुजरना पड़ेगा.”
“और भी प्रॉब्लम्स से मतलब? में कुछ समझी नहीं.” श्रुति हैरत से रोहन की तरफ देखने लगी.
“तुम्हें मेरे घर पर एक भारतीय नारी की तरह रहना पड़ेगा. मेरा मतलब है तुम्हें अपनी सास यानि के मेरी मां का खूब ख्याल रखना पड़ेगा और सुबह सवेरे उठ कर घर के सारे काम काज़ करने पड़ेंगे. तुम तैयार हो इसके लिए?”
“अगर तुम जिंदगी भर मेरे साथ रहने का वादा करो तो यह सब भी मेरे लिए कोई मुश्किल नहीं है.” मुस्कुराते हुए श्रुति, रोहन के खड़े पर अपना सर रख दी.फिर उसके बाद रोहन को कुछ याद आता है और फिर वो श्रुति से कुछ पूछने लगता है.
“अच्छा श्रुति एक बताओ? हमारे ऊपर से यह अचानक किडनॅपिंग का इल्जाम कैसे हाथ गया. क्या तुम्हें इस बारे कुछ में पता है?”
“जब मुझे पता चला की छाया ज़िंदा है तो जाहिर सी बात है वो तुम दोनों के खिलाफ कंप्लेंट की होगी हमारी किडनॅपिंग को लेकर. में यही सोच रही थी की कैसे तुम दोनों को इस इल्जाम से बचाओ की तभी मुझे अचानक वो बात याद आई जो तुमने मुझे बताई थी की मेरे सारे दोस्त मेरे खिलाफ क्या प्लान कर रहे थे. तब फिर मैंने सोचा की अगर में छाया को इसी बात पर धमकी दम की अगर वो….

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