चूत की भूख मिटाई

0
12207

में एक एक बहुत हे शर्मीला और चुप रहने वाला हूँ. क्लास मेट्स से बात तो कर लेता हूँ लेकिन पढ़ाई की ही. मुक्कु नाम था मेरी उसे क्लास मेट का उससे मेरी बड़ी फ़िक़र रहती थी. में क्लास के बाद लाइब्रेरी में पड़ने जाता था. मेरे घर क्योंकि यूनिवर्सिटी से दूर था सो में घर ना जाकर रात को अपना पड़ कर घर जाता था. मुक्कु का घर पास में हे था वो रोज मेरे लिए लंच टाइम में कुछ ना कुछ लाती थी. मेरे क्लासमेट्स कहते थे वो लाइन मर रही हे लेकिन में इन बाट्टों से बेख़बर था.

एक शाम जब में लाइब्रेरी से जल्दी निकला तो देखा मेरी बाइक पुंक्टूर थी और उसे टाइम इसका कोई इलाज नहीं हो सकता था. मुक्कु मेरे पास आई कहने लगी कोई बात नहीं तुम मुझे बाइक पर घर चोद दो और मेरी बाइक ले जाना. मुझे यह सूझब ठीक लगा. मैंने उसको उसके घर कोडा तो वो बोली आ जाओ मां से मिल लो. में घर के अंदर गया. बड़ी ही फॅशनबल औरत थी. मुझे देख कर बोली तुम उसके करे में हे बात कर लो मेरे से क्या मिलना हे. मुझे बड़ी शर्म से महसूस हुई. इतने में एक अंकल आए और आंटी यह कह कर की में अभी आ रही हूँ उनके साथ चली गयी. मुक्कु मुझे अपने बेड रूम में ले जाने लगी तो मैंने कहा मुझे देर हो रही हे घाट में मेरा इंटिजार हो रहा होगा मुझे जाने दो. उसने कहा बस मैंने तुम से एक दो डाउट पूछने थे. मुझे अपने बेड पर बैठा कर, मेरे साथ सात कर बैठ गयी. मेरा हाथ अपने बूबज़ पर अख कर बोली तुम्हें कैसे लग रहा हे. मेरा गला सूख रहा था. मैंने कहा में यह सब नहीं जनता, मुझे जाने दो. वो तेजी से खड़ी हुई और बोल तुम नामर्द हो जो एक लड़की के इच्छा नहीं समझते. यह सुन कर ना जाने क्या हुआ मैंने तेजी से उससे बिस्तर पर पटका और उसको कहा बता क्या करना हे. उसने झटके से अपने कपड़े उतार दिया ओर मेरे उतरने लगी. मेरे आंडरवेयर को उतरते उससे चूसने लगी और उसके बाद वो सब हो गया जो कभी नहीं क्या था हां सुना करते थे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here