मॅनेजर साहिब – Ek Tharki Company manager ki kahani – 9

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मैनेजर साहिब – Ek Tharki Company manager ki kahani – 9
1 – 2 मिनट तक तो हम तीनों इसे ही बैठे रहे और कोई कुछ नहीं बोला और हम तीनों एक दूसरे को देखते रहे. फिर सोनी ने प्रिया से कहा की जाए तो घर पे ही हे तुम्हें आज इसे नहीं निकलना चाहिए था. प्रिया ने कहा के जाए आज लंच के बाद ही अपने दोस्त को मिलने के लिए बेंगलोर गये हे वहां उसके दोस्त के पिता की तबीयत ठीक नहीं हे और वो बहुत सेरीौआ हे और जाए ने मुझे ये सुबह मीटिंग में ही बता दिया था और इसीलिए मैंने आज ही तुम दोनों को साथ में बुला लिया और गाड़ी भी में खुद ड्राइव करके आई हूँ.

प्रिया – मुझे पता चला की मेरे मिलने से पहले ही तुम दोनों एक दूसरे को मिल चुके हो और वो भी बहुत अच्छी तरह से.
में – बहुत अच्छी तरह से मिले हे हम दोनों और ज्यादा तर तो सोनिजी ही बोलती रही और मुझे तो बहुत कम मौका दिया इन्होंने बोलने का.
सोनी – हां आपके बारे म्व तो प्रिया काफी कुछ बता ही चुकी थी इसीलिए ही मुझे ज्यादा बोलना पड़ा.
में – और आपका एक हूनेर भी मुझे पता चल गया की आप करते की मास्टर हो. सही में आप बहुत अच्छा करार जानती हे.
सोनी ने अपना हाथ आगे बढ़ाया और कहा तारीफ के लिए धन्यवाद और मैंने जैसे ही हाथ मिलाया तो उसे मेरी फ्री उंगलियां मसलदी और मेरे मुंह से हल्की सी चीख निकल गयी.
में – अरे मैडम जी थोड़ा धीरे, ये उंगलियां बड़ी कम की चीज़ होती के क्यों प्रिया, अगर ये ना हो तो किसी भी चीज़ में मजा नहीं आता हे ना प्रिया.

मेरी इस बात पे सोनी और प्रिया एक दूसरे को देखने लगे और प्रिया थोड़ा नीचे देख के मुस्कराई और सोनी मेरी और थोड़ा गुस्से से देखने लगी.

सोनी – देखो प्रिया में सीधा टॉपिक पे आती हूँ और में रोहित से ऑफिस में मिली थी और उसे ठीक से समझा दिया हे की जो हुआ हे वो हो चुका और अब वो तुमसे ना मिले क्योंकि अगर रोहित तुमसे लगातार यूही मिलता रहा तो आज नहीं तो कल जाए को सब पता चल ही जाएगी.
प्रिया – में जानती हूँ ये सब और इसका अंदाज़ा और डर हे मुझे. पहले तो मुझे भी रोहित पर बहुत गुस्सा आया था और अगर में चौ तो इसकी हालत बाद से ब्स्दतर अभिभि बना सकती हूँ.
सोनी – इसके साथ तुम्हें यही करना चाहिए और ये नहीं तो अब अगेसे तुम्हें इस से दूर रहना चाहिए.

में दोनों की बातें ध्यान से सुन रहा था और मान ही मान ही मान कह रहा था की अब प्रिया मुझसे इसे ही पीछा नहीं छुड़ा सकती और में आसानी से उसकी जिंदगी से नहीं जाऊंगा.

प्रिया – सोनी तुम मेरी सब से अच्छी दोस्त हो और हम दोनों काफी लंबे समय से साथ में हे. में रोहित का जो तुम कहो वैसा ही हाल करूंगा लेकिन उसने मेरी जिंदगी में वो कमी पूरी की हे जो शादी के बाद भी जाए पूरा नहीं कर पाया था. शादी के आज 8 महीने हो गये हे और जाए ने मुझे सिर्फ़ 3 – 4 बार ही शारीरिक सुख दिया हे और वो अपने कम में ही ज्यादातर लगा रहता हे और ऊपर से जाए का झगड़े वाला स्वभाव, में तो एकदम परेशान हो गयी थी जिंदगी से.

सोनी – प्रिया तुम समाज नहीं रही हो और ये सिर्फ़ तुम्हारा फायदा ही उठा रहा हे और कुछ नहीं और ये भरोसे के लायक नहीं हे.

में – प्रिया बिलकुल मुझे पर ब्बारोसा कर सकती हे और में ये प्रिया को साबित भी कर चुका हूँ.

सोनी – तुम बिलकुल चुप रहो और बिचमे बिलकुल मत बोलना समाज गये ना तुम.

प्रिया – रोहित ने पिछले कुछ दीनों में इतना शारीरिक मजा दिया हे की अब मुझे उसकी आदत हो गयी हे. और रही बात जाए की तो उसके पास पैसों के अलावा हे ही क्या और पैसे तो मेरे पापा के पास भी काफी हे और उनकी एक लौटी बेटी होने के नाती वो सब मेरा ही हे. और अब में थोड़ा आज़ादी से और खुल कर जीना चाहती हूँ.

सोनी – लेकिन प्रिया ये सब गलत हे और तुम अपने पति को इसे धोका नहीं दे सकती

में – देखो इसमें धोका देने की कोई बात नहीं हे और प्रिया बस अपनी शारीरिक ज़रीरियते पूरा कर रही हे और शादी के बाद उसका पूरा होना जरूरी हे.

सोनी – मेरे पर चिल्लाई और बोली चुत उप्प्प्प्प्प

फिर मैंने प्रिया का हाथ पकड़ा और उसे खड़ा कर प्रिया को अपनी झांघो पर बिता दिया. प्रिया ने मेरी इस हरकत का कोई विरोध नहीं किया और मैंने उसकी कमर में हाथ डाल दिए.

सोनी मेरी इस हरकत को देखकर बिलकुल चुप सी हो गयी और कुछ बोलना चाहती थी पर कुछ बोल नहीं पा रही थी.

फिर मैंने अपने एक हाथ से प्रिया का एक बूब्स पकड़ लिया और उसे दबाने लगा और मैंने फिर अपना हाथ उसके टॉप में डाल दिया और उसकी ब्रा को उछल उठाकर उसका बूब्स दबाने लगा. प्रिया मेरी इस बात का कोई भी विरोध नहीं कर रही थी.

सोनी अपने सामने ये सब होते देख पूरा हैरान थी और उसे बिलकुल समाज नहीं आ रहा था की ये सब क्या हो रहा हे.
फिर मैंने अपने एक हाथ से प्रिया का एक बूब्स पकड़ लिया और उसे दबाने लगा और मैंने फिर अपना हाथ उसके टॉप में डाल दिया और उसकी ब्रा को उछल उठाकर उसका बूब्स दबाने लगा. प्रिया मेरी इस बात का कोई भी विरोध नहीं कर रही थी.

सोनी अपने सामने ये सब होते देख पूरा हैरान थी और उसने बिलकुल समाज नहीं आ रहा था की ये सब क्या हो रहा हे.

अब मैंने अपने दोनों हाथ प्रिया के टॉप के अंदर डाल दिए और प्रिया के दोनों बूब्स पकड़ के दबाने लगा. प्रिया भी अब आंखें बाँध कर आहें भर रही थी और पूरी तरह से सेक्स का आनंद उठाते हुए पूरी तरह से मेरा साथ दे रही थी.

हम दोनों को इस तरह देख सोनी प्रिया के ऊपर गुस्से से चिल्लाई और बोली प्रिया ये तुम क्या कर रही हो. तुम अपने हाथों से अपनी जिंदगी खराब कर रही हो.

मैंने सोनी की बात सुनकर प्रिया पर अपनी पकड़ और मजबूत की और फिर प्रिया के बाल पकड़े और उसके होंठ चूसने लगा और प्रिया ने भी अपना हाथ मेरे लंड पे रखा और उसे मेरे पेंट के ऊपर से ही दबाने लगी. में भी प्रिया के होंठ काश के चूस रहा था और अपने एक हाथ से उसका टॉप उछल कर दिया और उसका एक बूब्स बाहर निकाला और प्रिया के होंठ को चोद में उसके बूब्स का निप्पल चूसने लगा और प्रिया मेरे बालों को पकड़ कर उहह अहह जैसी आवाजें निकालने लगी.

सोनी हमारे सामने बैठी सब देख रही थी और गुस्से से अपने हाथ पर पटक रही थी पर कुछ कर नहीं पा रही थी. फिर उसने गुस्सा होकर चिल्लाई और कहा की रोहित स्टॉप इट ओर बाँध करो और चोदा प्रिया को.

प्रिया कुछ बोलना चाहती थी पर वो कुछ बोले उस के पहले ही मैंने उसके होंठ पर अपने होंठ रख दिए और अपने दूसरे हाथ उसके बूब्स का निप्पल मसलने लगा. फिर मैंने प्रिया को खड़ा किया और में भी खड़ा होकर उसके पीछे खड़ा हो गया और अपना लंड उसकी गांड पर रगड़ने लगा और अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और साथ ही साथ उसके होंठ चूसने लगा. प्रिया अब पूरी तरह गरम हो गयी थी और मेरा पूरी तरह से साथ दे रही थी.

सोनी भी अब खड़ी हुई और बोली प्रिया तुम ये ठीक नहीं कर रही हो और तुम मेरी बात मानो और इस आदमी से अपना पीछा चुड़ालो.

फिर में प्रिया के पीछे उसके घुटनों तक बैठ गया और पीछे से ही उसकी कमर में हाथ डालकर उसकी जीन्स का बट्तन और ज़िप खोली और उसकी जीन्स को और उसकी पैंटी को खिच के उसके घुटनों तक उतार दिया और फिर अपने एक हाथ से पीछे से उसकी चुत में हाथ डालकर उसकी चुत सहलाने लगा और जैसे ही मैंने अपनी दो उंगलियां उसकी चुत में एक साथ डाली तो प्रिया के मुंह से हल्की सी एक चीख निकल गयी लेकिन बाद में वो मजे लेने लगी और फिर थोड़ी देर तक में उसकी चुत में यूही अपनी उंगलियां अंदर बाहर करता रहा और फिर मैंने प्रिया को अपनी और घुमाया और उसका टॉप और उसकी ब्रा को खिच कर उतार दिए.

अब प्रिया ऊपर से बिलकुल नंगी थी और उसके दोनों बूब्स लटक रहे थे और मैंने दोनों बूब्स को पकड़ा और दबाने लगा और प्रिया ने भी अब मेरे पेंट की ज़िप खोली और मेरा लंड ज़िप में से बाहर निकाला और उसे सहलाने लगी.

फिर मैंने प्रिया की दोनों निप्पल पकड़ ली और उसे मसलने लगा और जप्रिया के मुंह से हल्की सी चीखें निकालने लगी और जैसे में प्रिया के निप्पल को मसलने की स्प्पेड बधाई तो प्रिया की चीख की आवाज़ भी धीरे धीरे बढ़ने लगी और अंत में एक ज़ोर की चीख निकलकर मेरी छाती से लिपट गयी.

फिर मैंने प्रिया को अपनी गोद में उठाया और बेडरूम में लेकर आया और उसे बेड पर लेता दियाआअ……फिर मैंने प्रिया को अपनी गोद में उठाया और बेडरूम में लेकर आया और उसे बेड पर लेता दिया.

फिर मैंने उसकी जीन्स और पैंटी खिच के निकल फेंकी और अपने भी सारे कपड़े उतार दिए और में प्रिया के उप्पर आ गया और उसके पैरों के पास बैठ गया. फिर में अपने दोनों हाथों से प्रिया की झंघे मसलने लगा और इस से प्रिया मदहोश होने लगी और जब मैंने थोड़ा और ज़ोर से उसकी झंघे मसलने लगा जिस से प्रिया और ज्यादा गरम होने लगी. फिर में अपने दोनों हाथ प्रिया की चुत में फिरने लगा और अपनी दो उंगलियां प्रिया की चुत में दल्दी और चुत के अंदर ही ऊपर नीचे करने लगा और जैसे जैसे में चुत में उंगलियां हिलता वैसे ही प्रिया अपने पर ऊपर से हिलने लगी और इस से उसे बहुत मजा आ रहा था. अब प्रिया एकदम गरम हो गयी और जल बिन मछली के जैसे तड़पने लगी.

फिर मैंने अपना मुंह प्रिया की चुत पर रख दिया और अपने दोनों हाथों से प्रिया की चुत को फेलके प्रिया की चुत का पानी पीने लगा और इस से प्रिया बिलकुल बेकाबू हो गयी और अपने मुंह से अहह, ओह जैसी आवाजें निकालने लगी. मैंने भी प्रिया से कहा की अब तो मैंने पूरा नासा कर लिया हे, मजा आ गया.

फिर में थोड़ा खड़ा हुआ और दरवाजे की तरफ नज़र गयी तो वहां सोनी खड़ी थी और मुझे ऐसा लग रहा था की वो भी धीरे धीरे गरम हो रही थी.

अब मैंने अपने दोनों हाथों से प्रिया के दोनों बूब्स पकड़े और उसे दबाने लगा और फिर मैंने उसकी बूब्स की निप्पल अपने मुंह में ले ली और उसे चूसने लगा और उसकी दोनों निप्पल चूसने के बाद मैंने अपना लंड प्रिया की चुत के पास रखा और प्रिया की चुत पर फिरने लगा.

प्रिया ने कहा रोहित अब और मत तड़पा मुझे अब जल्दी करो और मेरे चुत में लगी आग बुजदो वरना में पागल हो जाऊंगी.

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मॅनेजर साहिब – Manager ki real indian sex story (Completed)

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