फौजी ने किया मेरा बलात्कार

0
13088

फौजी ने किया मेरा बलात्कार- Foji Ne Kiya Mera balatkaar

यह स्टोरी उस वक्त की है जब मेरी आगे 18 साल चोदा साल थी मैं एक दिन घर से नाराज़ हो कर चला गया मैं सारा दिन सदर मैं घूमता रहा शाम को मैं बस मैं बैठ कर कंत्त स्टेशन चला गया बस मैं एक मोटा ताजा आदमी जिस की आगे 40 साल हो मुझको घोर से देख रहा था उस वक्त मैं चिकना भी बहुत था अक्सर लोंडे बाज़ मेरी पीछे पड़ी रहती टाइट कुछ देर बाद वो मेरी पास आकर बैठ गया और पूछने लगा कहाँ जा रही हो मैं ने कहा स्टेशन जा रहा हूँ उस ने कहा स्टेशन क्या करणुय जा रही हो मैं ने कहा वैसे ही घूमने उस ने बहुत ही प्यार से मेरी गाल पर हाथ फेरते हुए कहा रात को वहाँ क्या करो गे

मैंखमोश रहा बस स्टेशन पर पहुंचीं तो वो भी मेरी साथ ही उतर गया मेरी समझ मैं नहीं आ रहा था मैं क्या करूँ फिर उस ने मुझको कहा खाना खाओ गे मैं बहुत देर से भूखा था मैं राजी हो गया वो मुझको होटल पार ले गया और खानी का आर्डर दे दया फिर मैं ने उस को सारी स्टोरी बता दी के मैं नाराज़ होकर घर से भगा हूँ यू!उस ने कहा कोई बात नहीं मैं फौजी हूँ और करीब मैं ही आर्मी हाउस मैं मेरी ड्यूटी है तुम मेरी साथ रात गुजर सकती, खानी के बाद वो मुझको करीब ही आर्मी हाउस मैं ले गया वहाँ उस को क्वार्टर मिला हुआ था उस ने अपनी क्वार्टर मैं मुझको बिता दया और कहा के तुम सो जाओ मेरी ड्यूटी है मैं 4 हौर्बाद मैं आऊँ गा और यूनिफॉर्म चेंज करनी लगा.

यूनिफॉर्म चेंज करती हुए मेरी उस के लंड पर नज़र पर गई उस का लंड बहुत बड़ा और मोटा था जो के बिलकुल डॅंडी की तारा कहा था मैं उस के लंड को देख कर डर गया मगर मेरी पास रात गुजारनी की और कोई जगा भी नहीं थी जाती हुए उस ने कहा आराम से सो जाओ और जाती हुए उस ने मेरयगल की और होठों की किस भी ली और वो बाहर से ताला लगा कर चला गया मैं सारा दिन की आवारा गार्दी की वजह से तक गया था बेड पर लेटी ही मुझको नींद आ गाई.

अचानक रात को मेरी आँख खुली तो मैं देखा के मैं बिलकुल नंगा था और वो फौजी अपना लंड मेरी गांड पर रगड़ रहा था और कमरे की लाइट भी बुझी हुई थी में!आईं उस को रोकनी की कोशिश की मगर वो नहीं मना और कहा के अगर तुम ने शोर मचा तो तुम को गोली मर दम गा मैं डर गया फिर उस ने अपना लंड मेरी हाथ मैं दया मैं ने जब उस के लंड को पकड़ा तो मेरी एक

हाथ मैं उसका लंड पूरा नहीं आ रहा था मैं दोनों हाथों से फौजी के लंड को सहलाना शुरू क्या थोड़ी ही देर मैं उस का लंड किसी मटी डंडे की तरह हो गया फिर उस ने मेरी गांड पार बहुत सारी कोल्ड क्रीम लगाई और अपनी लंड पार भी लगाई जब फौजी ने मेरी गांड के हॉल पर अपना लंड की टोपी रक्खी तो मैं डर गया और रोने लगा और कहा प्लीज़ मुझको माफ करदो मेरी गांड मत मरो मैं मर जवंग.

फौजी ने कहा रो मत आराम आराम से करूँ गा फिर जैसी फौजी ने हल्का सा धक्का मारा तो उस के लंड टोपी मेरी गांड के अंदर चली गई मैं ने ज़ोर की चीख मारी और अपनी बॉडी को फौजी के चंगुल से आज़ाद करनी को कोशिश करनी और रो कर कहा मेरी गांड मैं से लंड निकालो लगा मगर फौजी ने मुझको नहीं छोरा और मेरी मम्मी पार हाथ रख दया जिस की वजह से मेरी आवाज़ ज़्ीडा नहीं निकल रही थी.

मगर मुझको लग रहा था जैसी मेरी गांड मैं किसी ने डंडा डाल दया हो फिर उस ने आहिस्ता आहिस्ता अपनी लंड की टोपी को मेरी गांड मैं डालना और निकलना शुरू कर दया कुछ देर बाद मुझको दर्द कम होनी लगा और मैं!न ने रोना बंद कर दया और गांड को ढीला चोर दया.

अब जब फौजी ने देखा मुझको दर्द नहीं हो रहा है और मैं ने गांड भी ढीली कर दी है तो फौजी ने एक और जोरदार झटका मारा जिस से उस का आधा लंड मेरी गांड मैं घुस गया और मेरी मम्मी से दर्दनाक चीख निकल गई मगर उस ने मेरी मम्मी पार हाथ रख दया मुझको ऐसा लग रहा था आज मेरी गांड फौजी फाड़ कर ही चोरी गा में ने फौजी को बहुत मिन्नत समजात की प्लीज़ लंड बाहर निकालो मुझको बहुत दर्द हो रही है मेरी गांड

फॅट है मगर उस ने मेरी बंटू का ध्यान नहीं क्या और कहा बहुत दिन के बाद इसे चिकनी गांड मिली है आज तेरी गांड को मैं जी भर कर चड़ूँ गा बेदर्दी से मेरी गांड मरता रहा कोई 30 मिनट बाद फौजी झाड़ गया और मेरी गांड उसकी मानी से भर गई झरने के बाद फौजी का लंड छोटा होनी लगा और मेरी गांड को फिरने के बाद बाहर आ गया अब मुझ से हिला भी नहीं जा रहा था और मेरी गांड में बहुत दर्द हो रहा था

मैं फौजी से कहा मेरी गांड मैं बहुत दर्द हो रहा है फौजी ने कहा कोई बात नहीं थोड़ी देर मैं ठीक हो जाए अब टू गांडू बन चुका है रोजाना तेरी गांड मारू गा मैं ने कहा नहीं भाई मैं अब गांड!

नहीं मरवाउँगा गा और मैं ने भाज्ञ की कोशिश की मगर मैं चल्न य के काबिल नहीं था फिर वो मुझ को नंगा ही औता कर बाथरूम ले गया और अपनी हाथों से मेरी गांड धुलाई फौजी ने और मुहजको फिर बेड पर ले आया फिर उस ने गरम कपड़े से मेरी गांड की सिकाई की जिस मुझको थोड़ा सकूँ मिला फिर उस ने कहा लंड को चूसो मैं ने मैं ने फौजी के लंड को कोशिश की मगर उस का लंड मेरी मम्मी मैं नहीं जा रहा था सिर्फ़ उसकी टोपी ही जा सकी मगर उस ने मेरी सर को पकड़ कर उप्पर नीचे करनी लगा कुच्च्ी देर बाद उसका लंड फिर से किसी नाग की तरह फनफनाने लगा.

फौजी ने मेरी तंग अपनी कंधे पर रख ली और अपना लंड मेरी गांड के सुराख पर रख ड्यमैन ने डर कर अपनी गांड के सुराख को सख्ती से बंद कर लिया तकी फौजी का लंड अंदर ना जाए और मैं ने रोना भी शुरू कर दया और फौजी से कहा प्लीज़ मुहजको को चोदो कल मैं आऊंगा फिर मेरी गांड मर लेना आज मुझको बखश दो फौजी ने कहा गंदो चुप हो जा अब कुछ नहीं होगा मैं आहिस्ता चोदु गा यह कर उस ने एक जोरदार धक्का मारा और उस के!

आ आधी से ज्यादा लंड मेरी गांड मैं घुस गया मैं ने ज़ोर से चीख मारी और कहा ओईइ अल्लाह मेरी गांड फॅट गई मुझको इस फौजी से बचाओ मेरी गांड मैं से इस का लंड निकालो मगर फौजी नहीं रुका और एक जोरदार और धक्का मारा जिस से उस का पूरा लंड मेरी गांड मैं चला गया

मगर इस मर्तबा मुझको पहली की तरह बहुत ज्यादा दर्द नहीं हो रहा था पूरा लंड गांड मैं डालनी के बाद फौजी कुछ देर तक राका रहा फिर आहिस्ता आहिस्ता फौजी ने धक्के मारनी शुरू कर दे मैं ने फौजी से का प्लीज़ आहिस्ता आहिस्ता मेरी गांड मरो मेरी गांड फॅट जाए ऊई मेरी गांड फॅट गई जालिम बाज़ कर मगर फौजी पार जुनून सवार था हूँ बेदर्दी से मेरी गांड मरता रहा.
हॉट इंडियन गे सेक्स स्टोरी ऑफ आ यंग बॉय गेटिंग रेप्ड बायें आ सोल्जर

40 मिनट की चुदाई के बाद फौजी झाड़ गया गया और उस ने अपना लंड बाहर निकल लिया लंड बाहर आती ही मेरी गांड को सकूओं सकूँ मिला, उस रात फौजी ने 2 दफा और बेदर्दी से मेरी गांड मारी सुबह जब मैं जानी लगा तो मुझ से मुश्किल से चला ज़रा था इसे लग रहा था जैसी किसी ने खंजर से मेरी गांड फाड़ दी हो फौजी न आय मुझको नाश्ता करवाया और 50 रुपीज़ मेरी पॉकेट मैं डेली मुझको बस मैं बिता कर रवाना कर दया मैं जब घर आया तो सारी घर वाली परेशान थे अब्बू ने पूछा रात को कहाँ साय टाइट तो मैं ने मैं फुटपाथ पर सोया था अब्बू ने कहा तुम्हारी चल कैसी बदल गई है तो मैं ने कहा मैं फिसल कर गिर गया था अब्बू को क्या पता था मैं ने सारी रात फौजी से गांड मरवाई है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here