मेरी सलोनी – एक प्रेम कहानी – 51

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कमर पे रखे हाथ पीछे गये & उसकी पीठ को घेरते हुए उसे अपने जिस्म से & सताने लगे.

“डार्लिंग,मैं कुच्छ काम करना चाहती हूँ.”,सलोनी उसके सीने को चूम रही थी & उसके हाथ पति के गले से उतार उसके कुर्ते में घुस उसके पेट पे घूम रहे थे.

“कैसा काम?”,विक्की के हाथ भी बीवी की नाइटी को उठा उसकी गांड को मसल रहे थे.सलोनी ने जानबूझ के नाइटी के नीचे कुच्छ नहीं पहना था.विक्की के हाथ जैसे ही उसकी मुलायम त्वचा से सटे उसका लंड पूरा टन गया & उसने जोश में भर बीवी को खुद से & सटा लिया.

“ऊव्ववव..आराम से,मेरी जान..कही भागी थोड़े जा रही हूँ..आख़िर बीवी हूँ तुम्हारी!”,सलोनी उसके पैरों पे खड़ी हो गयी & उचक के उसके होंठ चूम लिए.विक्की ने फौरन उसकी गांड को मसलते हुए उसके मुँह में अपनी जीभ घुसा दी,”..उउम्म्म्म..घर में बैठे-2 ऊब जाती हूँ..उउफफफ्फ़..इसीलिए सोचा की कुच्छ काम ही कर लू..”,विक्की के हाथ उसकी गांड से ऊपर उसकी नंगी पीठ पे चल रहे थे & सलोनी भी मस्त हो गयी थी.सलोनी ने हाथ नीचे ले जाकर पति के पाजामे की दूर खींच दी & उसके लंड को पकड़ लिया.सच बात तो ये थी की विजयंत मेहरा के बाद उसे कोई भी लंड उतना कमाल का नहीं लगा था & फिर विक्की का लंड तो बाप के लंड के मुकाबले काफी छोटा था मगर फिर भी था तो 1 लंड ही वो भी उस पति का जिसे वो फिर से जीतने की कोशिश कर रही थी,”..आपकी कंपनी में कोई नौकरी मिलेगी,सर?”,सलोनी नीचे बैठ गयी & बड़ी मसूँ निगाहों से पति को देखा & फिर लंड के सुपाडे को अपने गुलाबी होठों से पकड़ लिया.

विक्की को उसकी इस अदा पे हँसी आ गयी,”कैसी नौकरी चाहिए तुम्हें?”,सलोनी ने उसके अंडे दबाए & उसके लंड को हिलाते हुए चूसा.

“कैसी भी..”,उसने लंड को निकाला & बाए गाल पे रगड़ा,”..आपकी सेक्रेटरी की नौकरी भी चलेगी.”,उसने लंड को मुँह में भर ज़ोर से चूसा.विक्की हंसा & उसे उठाया & उसकी नाइटी निकल दी.सलोनी ने भी उसका कुर्ता निकल फेंका.विक्की ने उसे बाँहों में भरा & चूमते हुए कमरे के कोने में रखी अपनी स्टडी टेबल पे बिता दिया.सलोनी ने अपनी टाँगे फैला दी & अपने पति की कमर को बाँहों में कसते हुए उसके लब से अपने लब लगा दिए.

“वो जगह तो खाली नहीं है.कोई & नौकरी चलेगी?”,विक्की उसकी गर्दन चूम रहा था & उसके हाथ उसकी छातियों को गूँध रहे थे.

“कहा ना सर,कोई भी नौकरी चलेगी..हाईईईईईईईईईईई..!”,विक्की ने आगे बढ़ते हुए उसकी गीली चुत में लंड घुसा दिया था.अचानक हुए इस हिलने से सलोनी ने दर्द से आ भारी & पति की गांड में नाखून धंसा दिए,”..जानूं,1 बात बोलू?”

“बोलो ना!”,विक्की उसकी कसी चुत में लंड घुसा के मस्ती में उसके हासीए चेहरे पे अपनी जीभ फिरा रहा था.उसके हाथ तो सलोनी की मखमली पीठ & मांसल कमर को छोड़ना ही नहीं चाह रहे थे.

“मुझे फिल्म प्रोडक्षन में काम दे दो ना!बड़ा मान करता है मेरा फिल्मी सितारो को करीब से देखने का..आननह..जालिम कहिनके!..काटो नहीं..ऊव्वववव..मैं भी कतूँगी..ये लो..!”,विक्की उसके निपल्स को दाँतों से हल्के-2 काट रहा था तो सलोनी ने भी जवाब में उसके कान पे काट लिया.कितने दीनों बाद वो विक्की के साथ अपने रिश्ते के शुरूआती दीनों की तरह चुदाई कर रही थी.विक्की ने उसकी छातियों को हाथों में पकड़ा & उसके खुद को काटते दाँतों को रोकने के लिए उसके होठों को अपने होठों से बंद कर दिया.थोड़ी देर तक पति-पत्नी 1 दूसरे को बाँहों में भरे,चूमते हुए बस लंड के चुत में अंदर-बाहर हो चुत की दीवारों को रगड़ने का लुत्फ़ उठाते रहे.

“हाईईईईईईईईईईईईईईईई….समीईईईईईररर्र्र्र्र्र्ररर…………हााआअन्न्‍नननननणणन्..बस थोड़ी दे और……ऊहह….!”,सलोनी उसकी पीठ & गांड पे बेसबरे हाथ फिरती मस्ती में बोल रही थी & विक्की भी उसके रेशमी जिस्म पे हाथ चलते हुए उसके चेहरे से लेकर सीने तक को अपने होठों से महसूस करते हुए गहरे धक्के लगा रहा था,”..ओईईईईईईईईई..माआआआआआआ..!”,सलोनी के होंठ चीखने के बाद गोल हो खामोश हो गये,उसके चेहरे पे दर्द का भाव था लेकिन उस मटने,मीठे दर्द का जिसकी चाहत हर लड़की को होती है.उसका सर पीछे झुका हुआ था & जिस्म पति की बाँहों में झूल रहा था.उसके जिस्म में खुशी की वही लहर दौड़ रही थी जो चुदाई के अंजाम पे पहुंचने पे पैदा होती है & जिसे लोग झड़ना कहते हैं.उसकी भाई चूची के ऊपर होंठ चिपकाए,उसके ऊपर अपनी चाहत का निशान बनाते हुए आहें भरता विक्की भी झाड़ रहा था.

“मेरी जान,कल ही से फिल्म कंपनी जाय्न कर लो.”,वो बीवी के चेहरे को चूम रहा था.

“..उउम्म्म्म..& काम क्या होगा मेरा?”,सलोनी को बहुत सुकून मिला था & वो भी विक्की के जिस्म को सहला रही थी.विक्की ने उसे वैसे ही गोद में उठा लिया & बिस्तर पे ले आया.सलोनी उठी & चादर खींच दोनों के जिस्मो पे डाली & उसके सीने से लग गयी.

“जो दिल में आए वो करना मेरी जान..”,उसने उबासी ली & उसे खुद से थोड़ा & चिपकते हुए आंखें बंद कर ली,”..आख़िर कंपनी की मालकिन हो तुम.”

“थेन्क्स,डार्लिंग!ई लव यू!”,सलोनी ने उसे चूम लिया.

“हूँ.”,विक्की की आंखें बंद थी & वो नींद के आगोश में चला गया था.

ट्रस्ट फिल्म्स के सेयो को विक्रांत ने हिदायत दे दी थी की उसकी बीवी को कंपनी जो भी मर्जी हो काम करने दिया जाए,साथ ही उसने उसे भरोसा भी दिलाया था की सलोनी की वजह से उसके काम में कोई अड़चन नहीं आएगी.सेयो भी जनता था की राईस्ज़ादे की बीवी घर में बैठी ऊब गयी होगी तो उसे ये नया शौक छर्राया है जबकि कुच्छ दीनों में पूरा हो जाएगा.उसने भी सलोनी की चापलूसी में कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन हफ्ता बीतते वो समझ गया की ये लड़की यहां वक्त काटने के लिए नहीं आई थी.

सलोनी उसके काम में दखल नहीं डालती थी & वो बस फिल्म बनाने के तरीके को गौर से देख उसे सीखने की कोशिश कर रही थी.ट्रस्ट फिल्म्स इस वक्त 3 फिल्म्स पे काम कर रहा था.पहली फिल्म बन चुकी थी & पोस्ट-प्रोडक्षन में थी.सलोनी ने 1 दिन जाकर ये देखा की डाइरेक्टर,एडिटर,बॅकग्राउंड म्यूज़िक डाइरेक्टर वगैरह के हाथों में पूरी चुत की हुई फिल्म किस तरह उस रूप में आती है जिसे हम सिनेमा हॉल में देखते हैं.दूसरी फिल्म की शूटिंग वही ट्रस्ट स्टूडियोस में ही चल रही थी.वहां जाने पे सलोनी ने….

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