मेरी सलोनी – एक प्रेम कहानी – 55

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काँटे को किनारे किया & सलोनी के पाँव को थोड़ा ऊपर उठाया.वो सहारे के लिए पीछे की दीवार से टिक गयी.उसकी निगाहें अपनी मां के प्रेमी पे ही जमी हुई थी.देवेन का चेहरा अब उसके पाँव के इतने करीब था की वो उसकी गर्म सांसें महसूस कर रही थी.

“आहह..!”,वो थोड़ा & झुका था & उसकी उंगली को मुँह में भर खून की उस बंद को चूस लिया था.सलोनी के जिस्म में बिजली दौड़ गयी थी.उसकी चुत में कसक उठने लगी थी & उसके होंठ देवेन के होठों की तमन्ना में काँपने लगे थे.कुच्छ पल बाद देवेन ने उसकी उंगली को मुँह से निकाला तो खून बंद हो गया था.उसने ऊपर देखा & मस्ती से भारी 2 काली-2 आंखों से उसकी नजरें टकराई.उसने उसे देखते हुए उसके पाँव को चूमा & उसके आंद्रूणई हिस्से पे 1 उंगली फिराई.सलोनी को ना जाने क्यों शर्म आ गयी. वो घूमी & दीवार की ओर मुँह कर खड़ी हो गयी.देवेन की नज़रो के सामने काली जीन्स में कसी उसकी चौड़ी,पुष्ट गांड आ गयी.

उसने उसके पाँव को ज़मीन पे रखा & बहुत हौले से उसकी डाई तंग के बाहरी हिस्से पे,नीचे से लेकर ऊपर तक जीन्स की सीम पे अपने दाएँ हाथ की 1 उंगली चलाई.सलोनी के दिल में उमड़ रही हसरतें अब तूफानी लहरो की शक्ल इकतियार कर रही थी.उसने अपना माता दीवार से लगा लिया था & देवेन की अगली हरकत का वेट कर रही थी.

अब देवेन की 1-1 उंगली दोनों टांगों की सीम्ज़ पे नीचे से ऊपर & ऊपर से नीचे आ रही थी.सलोनी उसकी सांसें अपनी गांड पे महसूस कर रही.जीन्स के मोटे कपड़े के बावजूद उनकी तपिश वो अपने नाज़ुक अंग पे महसूस कर रही थी.उसकी चुत से अब पानी रिसने लगा था,”..उउन्न्ह..!”,उसने फिर आ भारी.उसकी काली वेस्ट थोड़ी ऊपर हो गयी थी & देवेन की गर्म सांसें अब उसकी कमर के उस नुमाया हिस्से को गर्म कर रही थी.इस बार जब उसकी डाई उंगली ऊपर आई तो फिर नीचे नहीं गयी बल्कि जीन्स के डाई तरफ के बेल्ट के लूप में फँस गयी.उसने उसी उंगली से सलोनी को खींचा & सलोनी मुड़ने लगी.अब सलोनी की पीठ दीवार से लगी थी & उसकी वेस्ट & जीन्स के बीच के 2 इंच के नुमाया हिस्से पे देवेन की गर्म सांसें गिर रही थी.सलोनी की सांसें अब बहुत तेज हो गयी थी.उसकी नाभि का बस ज़रा सनिचला हिस्सा नुमाया था & उसके कोने को चूमती देवेन की सांसों को वो महसूस कर रही थी.उसने देखा वो उसके पेट को निहार रहा था.उसके दाएँ हाथ की उंगली उसकी कमर पे डाई तरफ से जीन्स के वेयैस्टबंड पे चलते हुए उसके स्तनों तक आ गयी थी.

उंगली स्तनों से ऊपर गयी फिर अंगूठे के साथ मिल कर स्तनों को खोल दिया.सलोनी ने दोनों होंठ दाँतों में दबा लिए.देवेन आगे झुका & उस खुले स्तनों के पीछे के हिस्से को बहुत हल्के से चूम लिया.सलोनी ने आ भरते हुए सर पीछे कर लिया.देवेने ने उसके बाए हाथ में बंदी घड़ी की चैन में अपनी उंगली फँसाई & खड़ा होते हुए उसी चैन से सलोनी के हाथ को उठाने लगा.अब वो सलोनी के सामने खड़ा था & उसका हाथ उसने ऊपर ले जाकर उसके सर के ऊपर दीवार से लगा दिया था.वो सलोनी के चेहरे को निहार रहा था.
उसकी निगाहों की तपिश को झेलना सलोनी के नैनो के बस में नहीं था.उसने आंखें बंद कर ली.पल-2 देवेन की गर्म सांसें उसके चेहरे के & करीब आ रही थी.उसके होंठ खुद बीए खुद खुल गये थे.अगेल ही पल उसके जिस्म में सिहरन दौड़ गयी.देवने के तपते होंठ उसके नर्म लंबो से आ लगे थे.वो बस अपने लंबो से उसके होठों को सहला रहा था.सलोनी की सांसें धौकनी की तरह चल रही थी.उसके काँपते होंठ देवेन के होठों से सीलने को बेकरार हो रहे थे & जैसे ही देवेन ने होठों का दबाव बढ़ाया,सलोनी ने भी उसे चूम लिया & उसकी आंखों से आँसुओ की 2 बूंदें टपक पड़ी.ये खुशी के आँसू थे.देवने के चूमने गर्मजोशी थी,शिद्दत थी लेकिन उस से भी ज्यादा 1 एहसास था हिफ़ाज़त का,सुकून का.सलोनी ने खुद को पूरी तरह से उसके हवाले कर दिया था.वो उसके होठों को बस अपने होठों से चूम रहा था.अभी तक जुबान फिराई तक नहीं थी उसने & सलोनी की चुत का बुरा हाल हो गया था.

सलोनी ने बेबस हो अपने दाएँ हाथ को थोड़ा आगे कर देवेन के बाए हाथ को थाम दोनों की उंगलियों को आपस में फँसा लिया था.देवेन उसके बाए हाथ को ऊपर दीवार पे सटा अपने दाएँ हाथ को उसकी कलाई से नीचे सरका रहा था.सलोनी की बाँह का आंद्रूणई हिस्सा बहुत मुलायम था & उसकी छुअन ने देवेन के लंड को बिलकुल सख्त कर दिया था.

“हाआअन्न्‍न्णनह..!”,सलोनी गुदगूदे एहसास से चीख & किस तोड़ दी.देवने का हाथ उसकी गुदाज़ बाँह पे फिसलता हुआ बिलकुल नीचे बाँह की बगल से आ लगा था & उस कोमल जगह पे उसकी उंगली के फिरने से उसे गुदगुदी महसूस हुई थी & उसने बाँह नीचे कर ली थी.देवेन ने फिर से बाँह को ऊपर दीवार से सटा दिया & उसकी आंखों में देखने लगा.उन नज़रो में उसकी चाहत थी & सलोनी को उनमें दिखती उसके इश्क की ख्वाहिश ने खुशी से भर दिया.उन नज़रो में उसके जिस्म की हसरत भी थी & उस एहसास को समझते ही सलोनी के चेहरे की लाली & तरफ गयी & उसकी पलके बंद हो गयी.

देवेन के होंठ उसके गालों को चूम रहे थे.सलोनी गर्दन घुमा के अपने गुलाबी गाल उसे पेश कर रही थी & जैसे ही वो नीचे हुआ उसने सर उठा अपनी गोरी गर्दन अपने महबूब की खिदमत में पेश कर दी.वो हौले-2 मुस्कुराती हुई बस उस रोमानी लम्हें का मजा ले रही थी.देवेन के होंठ उसके गले से उसके दाएँ कंधे पे पहुँचे & वो चूमते हुए अपनी नाक से उसकी वेस्ट & ब्रा के स्ट्रॅप्स को नीचे करने की कोशिश करने लगा.सलोनी को फिर से गुदगुदी हुई & उसने कंधा सिकोडा लेकिन देवेन को दूर करने की कोई कोशिश नहीं की.वो उसके स्ट्रॅप्स को कंधे के किनारे पे कर के वहां पे चूम रहा था.कुच्छ देर बाद उसके होंठ उसकी गर्दन के नीचे के गड्ढे को चूमते हुए दूसरे….

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