मेरी सलोनी – एक प्रेम कहानी – 59

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को मसला रहे थे & होन्मत उसके चेहरे से लेकर सीने तक घूम रहे थे.सलोनी 1 बार फिर मस्ती के आसमान में ऊँचा उड़ने लगी थी.उसकी चुत से बहते रस की हर तेज हो गयी थी.

उसी वक्त देवेन ने अपनी भाई बाँह उसकी गर्दन के नीचे लगाई & सो चूमते हुए उसकी भाई जाँघ पे अपना दया हाथ बेसब्री से फिरने लगा.सलोनी ने अपनी टाँगे उसकी कमर पे कैंची की तरह कस दी & कमर उचकाने लगी.देवेन की चुदाई उसे जोश से भर रही तिऊ & उसने टांगों को नीचे कर उसकी जांघों पे फँसाया & उनके सहारे & ज़ोर-2 से कमर उचकाने लगी.

देवेन का दया हाथ मस्ती में पागल हो उसकी कमर को सहलाते हुए नीचे गया & उसकी गांड की भाई फाँक को दबोच लिया.सलोनी ने सर झटकते हुए आ भारी तो देवेन ने उसकी गांड को दबोचे हुए भाई तरफ करवट ले ली.अब दोनों करवट से लेते हुए थे & सलोनी की भाई तंग देवसें के ऊपर चड्डी हुई थी & वो उस एबहाओ में भरे मदहोश हो चूमे जा रही थी.देवेन उसकी गांड को सहलाता,उसकी दरार में उंगली फिरता धक्के तेज कर रहा था.सलोनी सो से बिलकुल चिपकी हुई थी & चुके नाखून देवेन के कंधों & पीठ पे घूम रहे थे.

“उउफफफफफफफफफ्फ़..ओईईईईईईईईईई..माआआआआअ..हाआआआआअन्न्‍नननननननणणन्..!”,सलोनी ने देवेन के दाएँ गाल से बया गाल सताया हुआ था & उसकी भाई तंग उसकी कमर पे चड्डी बेचैनी से ऊपर-नीचे हो रही थी.उसकी कमर आगे-पीछे हो रही थी & जिस्म झटके कहा रहा था-वो झाड़ रही थी.देवेन को लंड पे फिर से उसकी चुत की क़ातिल कसावट महसूस हुई & उसके होंठ महबूबा की गर्दन से चिपक गये.

देवेन ने फौरन करवट ली & इस बार पीठ के बाल लेट गया.अब सलोनी उसके ुआप्र लेती उसकी गर्दन में मुँह छुपाएं सांसें संभाल रही थी.देवेन उसकी पीठ सहला रहा था.कुच्छ पलों बाद देवेन ने उसके रहमी बालों को उसके चेहरे से हटाया & उसके चेहरे को ऊपर कर चूमा & फिर उसके कंधे थाम उसे ऊपर किया.सलोनी उसके दोनों तरफ घुटने जमाए ऊपर हुई.

देवेन की नियघें अपने होठों के ताजा निशानो से ढँकी उसकी छातियों से टकराई तो वो खुशी से चमकने लगी.उस चमक को देख सलोनी शर्मा गयी & उसने अपने हाथों से अपने दिलकश उभारो को छुपा लिया.देवेन ने उसके हाथ पकड़ के उसके सीने से हटाए & अपनी उंगलियां उसकी उंगलियों में फँसा उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया.उसकी आंखें सलोनी के हया & मदहोशी से भारी सूरत से लेकर उसकी गीली उसके लंड को अपने अंदर ली चुत तक घूमने लगी.

सलोनी ने उसकी निगाहों की तपिश से आहट हो हाथ छुड़ाने की कोशिश की तो देवेन ने हाथों को & मज़बूती से थाम नीचे से कमर उचकाई.

“ऊव्ववव..!”,सलोनी चिहुनकि मगर उसकी कमर खुद बीए खुद हिलने लगी & 1 बार फिर दोनों की चुदाई शुरू हो गयी.कुच्छ ही पल में सलोनी अपने बाल झटकती,जिस्म को कमान की तरह मोदती तेजी से कमर हिला रही थी.मस्ती में पागल हो वो नीचे झुकी & देवेन के हाथ उसके सर के दोनों तरफ जमाते हुए उसे चूमने लगी.देवेन उसकी मदहोशी का पूरा लुत्फ़ उठा रहा था.सलोनी उसके सीने को चाट रही थी,उसके निपल्स को काट रही थी.उसकी चुत में फिर से कसक बहुत क़ातिल हो गयी थी & उसकी कमर बहुत तेजी से हिल रही थी.

“उउन्न्ञणणनह…आआहहाआआन्न्‍नननणणन्……!”,उसने सर उठा लिया था & उसकी पकड़ देवेन के हाथों पे ढीली हो गयी थी.देवेन ने फौरन उसे बाँहों में भर लिया & करवट ली.दोनों की जद्दोजहद से बिस्तर की चादर मूंड़ के 1 कोने में पहुँच गयी थी & पलंग से नीचे लटक रही थी.देवेन अब अपनी प्रेमिका की चुत में झाड़ अपने अरमानों को पूरा करना चाहता था.उसकी भाई बाँह अभी भी उसकी गर्दन के नीचे थे.उसने उसे अपने से चिपका के अपने नीचे दबा धक्का मारा तो सलोनी कस आर बिस्तर से नीचे लटक गया.

देवेन उसके ऊपर झुका उसकी गर्दन चूमता उसे चोदने लगा.सलोनी अब चीख रही थी.शायद दोनों की आवाजें बाहर गाँव की सड़क पे भी सुनाई दे रही थी.जो भी हो,उन दोनों को अब किसी बात की परवाह नहीं थी.देवेन का दया हाथ उसके जिस्म के नीचे से उसके बाए कंधे को थामे था & अब उसके धक्के बहुत तेज हो गये थे.सलोनी समझा गयी थी की वो भी अपनी मंजिल तक पहुचना चाहता है.उसके हाथ भी उसके बालों को खींच रहे थे.उसकी चुत की कसका अब चरम पे पहुँच रही थी.

देवेन का लंड उसकी चुत को ऐसे भरे हुए था की उसे पूरा जिस्म भरा-2 लग रहा था.उसके दिल में कुच्छ बहुत मीठा,कुच्छ बहुत नशीला भरने लगा था.उसे ऐसा शिद्दत भरा एहसास पहले कभी नहीं हुआ था & वो मस्ती में आहट हम च्चटपटते हुए देवेन की पीठ नोचने लगी थी.उसकी टाँगे उसकी जांघों पे चड्डी ऊपर -नीचे हो उसकी टांगों के बालों में खुद को रगड़ रही थी.देवेन के दिल में भी खुशी भारी हुई थी-वो खुशी जिसे वो भूल गया था.सलोनी को खुद से चिपकाए वो उसे चूमते हुए अब क़ातिल धक्के लगा रहा था.

“ऊऊऊऊहह..!”,सलोनी आ भरते हुए उचकी & देवेन की गर्दन के ठीक नीचे पागलों की तरह चूमने लगी.उसकी चुत ने अपनी मस्तानी हरकत शुरू कर दी थी & देवेन भी अब आख़िरी धक्के लगा रहा था.सलोनी के होठों ने अपनी छप छोडने के बाद देवेन के सीने को छोडा & वो मदहोशी में ‘ओ’ के आकर में गोल हो गये.सलोनी कस आर बिस्तर से नीचे लटक गया था & उसके हाथ भी.उसके होंठ ततरा रहे थे & जिस्म कांप रहा था.झड़ने की ऐसी शिद्दत उसने कभी महसूस नहीं की ही की तभी वो बहुत ज़ोर से करही,”,ऊऊवन्न्‍नणणनह..!”

“तड़क्कककक..!”,उसने देवन चेहरे को पागलों की तरह चूमते देवेन को छाँटा मर दिया था.सलोनी की आंखों से आँसू छलक गये.देवेन के लंड ने उसकी कोख से टकराते हुए अपने वीर्य की गर्म बसरिश सीधा उसके अंदर की थी & उस बौच्हर ने उसके जिस्म को फिर से झाड़वा दिया था.वो उस गहरे एहसास को बर्दाश्त नहीं कर पाई थी & उस वक्त देवेन के होठों की छुअन भी वो झेल नहीं पाई & उसका हाथ उठ गया.वो ज़ोर-2 से सूबक रही थी.देखने वाले को ये लगता की लड़की तकलीफ में है जबकि सच्चाई ये थी की उस लड़की ने वो बेइंतहा….

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