प्यार और चुदाई मेरी गर्लफ्रेंड प्रीति के साथ

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प्यार और चुदाई मेरी गर्लफ्रेंड प्रीति के साथ – pyaar aur chudai meri girlfriend ke sath

ही फ्रेंड्स! मैं इस का रेग्युलर रीडर हूँ. मुझे चुदाई की कहानियाँ बहुत पसंद आती है. ये मेरी पहली और रियल स्टोरी जो मेरे और मेरी गर्लफ्रेंड (प्रीति) की है. मैं उससे बहुत प्यार करता था और शादी करना चाहता था लेकिन उसके घरवालों को हमारा रिलेशनशिप मंजूर नहीं था और अभी उसकी शादी हो गयी है और वो बेंगलोर के एक एम एन सी में जॉब करती है.

ये कहानी 2009 की है, हम दोनों कॉलेज के स्टार्टिंग में ही कमिटेड हो गये थे और उसका घर मेरे ही सिटी में है, तो हम दोनों साथ में आना जाना करते थे. एक बार हम पार्क में घूम रहे थे तो एक दूसरे को किस करने का मान हुआ तो एक सुनसान जगह पे हम दोनों स्मूच करने लगे और लगभग 10मीं तक करते रहे. वहां पे पार्क के गार्ड ने हमें देख लिया तो हम वहां से भाग गये.

फिर से हमें किस करने का मान हुआ तो हमने प्लान बनाया की हम घर जाते वक्त आधे रास्ते में उतार जाएँगे और होटल रेंट पे ले कर खूब किस करेंगे और वहां एक रात साथ में रहेंगे. वैसा ही हुआ हम दोनों आधे रास्ते में उतार गये और एक छोटे से होटल में रूम लिया और रूम में चले गये और एक दूसरे से चिपक गये और किस करने लगे. और किस करते, हम दोनों एक दूसरे के कपड़े निकल दिए और नंगे हो गये. हम दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह किस कर रहे थे और मैं उसका चूची दबा रहा था. चूची दबाते दबाते मैं उसके चुत में उनली भी कर रहा था. थोड़ी ही देर में उसकी चुत से पानी निकल गया. रात हो गयी थी और बाहर कोई बार बार लाइट ऑन-ऑफ कर रहा था तो मेरी गर्लफ्रेंड डर गयी और वो बोली हम चुदाई आवी नहीं थोड़ी देर बाद करेंगे और फिर हम सो गये. सुबह जब नींद खुली तो फिर हम दोनों ने एक दूसरे को खूब किस किए और वापस घर आ गये.

फिर हमारे कॉलेज में छुट्टी हुई तो हम दोनों घर आ गये और जब उसके पापा-मम्मी गाँव गये थे तो मैं उसके घर गया. उसके घर में उसके दादा-दादी और छोटी बहन थी. हम आगे वाले रूम में बैठे थे और सब ऊपर वाले कमरे में चले गये थे वहां हमें फिर से किस करने का मौका मिला, मैंने उसकी छोची दबाई और किस भी किया और साथ साथ उसकी चुत में उंगली करता रहा. हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे. हम दोनों एक दूसरे को किस करके खुश रहते थे. ऐसा कई बार हुआ मेरे घर में जब कोई नहीं था तो वो मेरे घर आती थी और हम दोनों एक दूसरे को खूब प्यार करते थे.

इसी तरह 1 साल निकल गया और हम दोनों ने सेक्स नहीं किया था. 2010 के सम्मर वाकेशन हुआ कॉलेज में तो हम दोनों साथ में घर आए और हमने प्लान किया था की वो मेरे घर आए क्योंकि मैं1-2 दिन अकेले रहने वाला था. प्रीति मेरे घर आने को तैयार थी और वो मेरे घर आई उससे आइस्क्रीम और केक बहुत पसंद है तो मैं आइस्क्रीम लेकर आया था. जैसे ही वो मेरे घर आई तो मैंने उससे बोला की जल्दी से सारे कपड़े निकालो और फ्रेश हो जाओ. वो तुरंत अपनी जीन्स और टॉप निकल दी और मेरा टी-शर्ट और जीन्स निकली तो मैंने उससे बोला ब्रा और पेंटी भी तो निकालो तो वो बोली नहीं तुम निकालो. तो मैंने उसकी ब्रा और पेंटी निकल दिया और उसकी चूची दबाने और किस करने लगा. मैं उसकी चुत में उंगली डाला और वो मेरा लंड पकड़ के हिलने लगी. मैं उसके निप्पल सक कर रहा था और उसके निपल्स को दाँतों से काट रहा था आओ बोल राई थी और ज़ोर से करो और ज़ोर से करो.

थोड़ी देर में हम दोनों 69 पोज़िशन में आ गये और वो मेरा लंड को लोलीपोप की तरह चूस राई थी और मैं उसकी चुत चाट रहा था. मैं उसके मुंह में झाड़ और वो मेरे मुंह में. हम दोनों ने एक दूसरे का सारा पानी पी लिया फिर हमने स्मूच किया और एक दूसरे से लिपटे रहे फिर थोड़े देर के बाद मेरा लंड खड़ा हुआ तो मैंने उसकी चुत पे अपना लंड डाला और रगड़ें लगा. प्रीति भी गरम हो गयी थी और बोल राई थी चोदो मुझे फक में जानूं…..फक में… मैं अपने लंड को उसकी चुत पे सेट किया और एक ज़ोर का धक्का लगाया लेकिन मेरा लंड फिसल गया क्योंकि प्रीति अभी तक वर्जिन थी… मैंने फिर से धक्का लगाया और इस बार आधा लंड उसके चुत में घुस गया वो चिल्लाने लगी…. मर गयी, बाहर निकालो…. मुझे नहीं करना है…… उसकी चुत से खून निकल रहा था तो मैं स्मूच करने लगा और और उसकी चूची दबाने लगा…. थोड़े देर में उसको आराम हुआ तो फिर हमने चुदाई शुरू की और मेरे एक ज़ोर के झटके से मेरा पूरा लंड उसकी चुत में घुस गया था…. फिर उसे भी मजा आने लगा और उसने बोला… जानूं आज बहुत अच्छा लग रहा है और आज रात को मैं तुम्हारे साथ रहना चाहती हूँ.

मैंने बोला मुझे कोई प्राब्लम नहीं है तुम रहो मेरे साथ लेकिन नंगा ही रहना पड़ेगा और रात भर चुदाई होगी तो उसने बोला हाँ आज हमारे पास मौका भी है और यहां कोई डिस्टर्ब करने नहीं आएगा….ठीक है फिर तुम यही रहो मेरे साथ…. हम दोनों फिर किस किए…. आधे घंटे की चुदाई के बाद हम दोनों झाड़ गये… मेरा लंड उसकी चुत में ही रहा और हम दोनों एक दूसरे से लिपटे रहे. लगभग 15 मिनट बाद प्रीति बोली की उसको ऐसी-क्रीम खाना है तो मैं उसको गोद में उठा के किचन में ले गया क्योंकि मेरा लंड उसकी चुत में था फिर हम दोनों चुदाई करते करते ऐसी-क्रीम खाए और फिर से कंटिन्युवस 2 घंटे तक अलग अलग पोज़िशन में छोडा.

उसके बाद हम दोनों साथ में नहाने गये और नहाते हुआ भी हमें चुदाई की. नहाने के बाद हमने एक दूसरे के बदन जो टावल से पोछा और फिर नंगे ही रहे. हम स्मूच करने लगे और मैं उसकी चूची को ज़ोर ज़ोर से डब्बा रहा था और प्रीति बोल रहे थी और ज़ोर से और ज़ोर से दबाओ सब तुम्हारा है मसल दो. थोड़ी देर के मैंने प्रीति से बोला की मुझे तुम्हारी गांड भी मारनी है तो पहले तो उसने मना किया लेकिन फिर मान गयी और मैंने उसकी गांड में लंड डालने की कोशिश की तो अंदर नहीं गया, फिर मैंने फिर से ट्राइ किया तो अंदर गया और प्रीति चिल्लाने लगी और बोली जानूं प्लीज़ बाहर निकालो बहुत दर्द हो रहा है लेकिन मैं नहीं मना और अपना लंड अंदर बाहर करने लगा… थोड़ी देर में उससे मजा आने लगा और वो भी अपना गांड हिल्ला हिल्ला के चुदवाने लगी…15मीं बाद मैं उसकी गांड में ही झाड़ गया… फिर मैं उसको किस करने लगा… प्रीति बहुत खुश थी…. हमने अभी तक 4घंटे की चुदाई कर चुके थे… हम दोनों थोड़ा तक गये थे…

लेकिन हम एक भी मिनट वेस्ट करना नहीं चाहते थे इसीलिए हमने फिर से चुदाई शुरू की और इसी तरह हमने रात भर चुदाई करते रहे. चुदाई करते हुआ मैंने कई बार उसकी गांड पे थप्पड़ भी मारा था और उसकी चूची भी खूब दबाई थी… सुबह तक चुदाई करते करते तक गये थे तो हम दोनों फ्रेश हुआ तो मैंने देखा की प्रीति की गांड और चूची दोनों टमाटर की तरह लाल हो गयी है. हम दोनों नहाने के बाद थोड़ा नाश्ता किए और नंगे ही एक दूसरे से लिपट के सो गये. दोपहर को हम उठे तो प्रीति बोली उससे बहुत दर्द हो रहा है तो मैंने उससे पेन किलर दिया लेकिन उसने बोला की अभी नहीं खाना है. तो मैंने उससे पूछा क्यों नहीं खाना है तुम्हारा दर्द कम हो जाएगा तो उसने बोला “ये हमारे प्यार का दर्द है तो अभी और प्यार करना है, मैं आज भी तुम्हारे साथ रहूंगी”. मैंने उससे पूछा की तुम्हारे घर पे सब परेशान हो जाएँगे तो बोली की उसका चिंता मत करो और तुम मुझे फिर से छोड़ना शुरू करो. इस तरह हम दोनों लगभग पूरे 2 दिन जम्म के चुदाई की और अगले दिन शाम को मैंने उसको पेन किलर दिया और उसको घर पहुंचा आया.

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